रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन कैरेबियाई बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। शाई होप और शेरफान रदरफोर्ड की विस्फोटक पारियों के सामने भारत के गेंदबाज बेबस नजर आए। इस मुकाबले में भारतीय टीम की रणनीति भी काम नहीं आई और मैच का नतीजा मेहमान टीम के पक्ष में चला गया।
शाई होप और रदरफोर्ड ने भारतीय गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। शाई होप ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की और मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। दूसरी तरफ शेरफान रदरफोर्ड ने भी ताबड़तोड़ रन बनाकर मुकाबले का रुख वेस्टइंडीज की ओर मोड़ दिया।
शाई होप ने 45 गेंदों में नाबाद 102 रन की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में चौकों और छक्कों की भरमार देखने को मिली। वहीं, रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर लगातार दबाव बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों की शानदार पारियों ने भारत के बड़े स्कोर को भी छोटा साबित कर दिया।
भारतीय टीम की ओर से तेज गेंदबाजों और स्पिनरों, दोनों को विकेट हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बल्लेबाजों के लगातार बड़े शॉट खेलने से कप्तान और कोच की रणनीतियों पर भी सवाल उठने लगे।
स्पिन गेंदबाजों के लिए मुश्किल साबित हुई दूसरी पारी
इस मुकाबले में भारतीय स्पिनरों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। अक्षर पटेल और कुलदीप यादव जैसे अनुभवी गेंदबाज भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को रोकने में सफल नहीं हो सके।
अक्षर पटेल ने 3.3 ओवर में 63 रन खर्च किए, जबकि कुलदीप यादव ने अपने चार ओवर में 53 रन दिए। दोनों गेंदबाजों के खिलाफ कैरेबियाई बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख बनाए रखा। कुलदीप के एक ओवर में लगातार तीन छक्के लगने से भारतीय टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं।
नमन धीर, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह और मयंक यादव को भी रन रोकने के लिए संघर्ष करना पड़ा। भारतीय गेंदबाजों पर बल्लेबाजों का दबाव इतना अधिक रहा कि कोई भी गेंदबाज प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं कर पाया।
ओस ने भी बढ़ाई टीम इंडिया की परेशानी
रांची में मुकाबले की दूसरी पारी के दौरान ओस का असर भी भारतीय गेंदबाजों के लिए चुनौती बना। गीली गेंद को पकड़ने और उस पर नियंत्रण बनाए रखने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में स्पिनरों के लिए गेंद को सही दिशा और गति से डालना और कठिन हो जाता है।
हालांकि, वेस्टइंडीज की जीत का श्रेय केवल ओस को नहीं दिया जा सकता। शाई होप और रदरफोर्ड की आक्रामक बल्लेबाजी, सही समय पर लगाए गए बड़े शॉट और लक्ष्य का पीछा करने के दौरान बनाए गए दबाव ने भी निर्णायक भूमिका निभाई।
भारत की ओर से गेंदबाजी में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन बड़े लक्ष्य का बचाव करते हुए टीम लगातार रन गंवाती रही। नतीजतन, भारतीय टीम मैच पर अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर पाई।
वेस्टइंडीज ने दर्ज किया अपना सबसे बड़ा टी20 रन चेज
इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया। 250 रन के लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती होता है, लेकिन कैरेबियाई बल्लेबाजों ने इसे अपनी आक्रामक शैली से आसान बना दिया।
शाई होप ने शतक लगाकर पारी को मजबूती दी, जबकि रदरफोर्ड ने तेज गति से रन बनाते हुए विपक्षी गेंदबाजों को वापसी का मौका नहीं दिया। दोनों के बीच शानदार बल्लेबाजी ने मैच को रोमांचक बनाने के साथ भारत की गेंदबाजी की कमजोरियों को भी उजागर किया।
वेस्टइंडीज की इस जीत को केवल उलटफेर कहना उचित नहीं होगा। टीम के बल्लेबाजों ने जिस तरह बड़े लक्ष्य का पीछा किया, उससे उनकी आक्रामक क्षमता और दबाव में खेलने का आत्मविश्वास दिखाई दिया।
टी20 सीरीज में बराबरी पर पहुंचीं दोनों टीमें
दूसरे मुकाबले में जीत के बाद भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर बनाया था, लेकिन गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके।
अब सीरीज के अगले मुकाबले में भारतीय टीम की नजर वापसी पर होगी। बल्लेबाजी में बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद मिली हार के बाद गेंदबाजी संयोजन, लाइन-लेंथ और दूसरी पारी में रणनीति पर ध्यान देना जरूरी होगा।
दोनों टीमों के बीच अगला टी20 मुकाबला 11 अक्टूबर को इंदौर में निर्धारित है। यह मैच सीरीज में बढ़त बनाने के लिहाज से अहम होगा। भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने और बड़े स्कोर को सफलतापूर्वक बचाने की रहेगी।



















