कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार (26 दिसंबर) को कहा कि भारत को पाकिस्तान की बदलती सैन्य रणनीति पर नजर रखनी होगी, खासकर हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के मामले में। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख और बढ़ते कट्टरपंथी रुख पर चिंता जताई और कहा कि भारत ने पिछले अनुभवों से सीख लेकर पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।
थरूर ने बताया कि पाकिस्तान अब ड्रोन, रॉकेट और मिसाइलों के बाद हाइपरसोनिक तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव कर रहा है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने पाकिस्तान के आंतरिक हालात को बेहद समस्याग्रस्त बताया, जहां nominal सरकार के बावजूद सेना का वर्चस्व है। आर्थिक अस्थिरता और विदेशी सहायता पर निर्भरता ऐसे कारक हैं, जो सैन्य दुस्साहस को बढ़ावा दे सकते हैं।
पाकिस्तान में सेना का दबदबा
थरूर ने कहा कि पाकिस्तान में सेना हमेशा प्रमुख भूमिका निभाती है और वहां की नीतियों में इसका एजेंडा हावी रहता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आर्थिक रूप से नाजुक है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं पर निर्भर है, जिससे सैन्य दुस्साहस को बढ़ावा मिलता है।
भारत और पाकिस्तान की आर्थिक तुलना
थरूर ने दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना करते हुए कहा कि पाकिस्तान की GDP वृद्धि दर 2.7 प्रतिशत है, जबकि भारत की लगभग 7 प्रतिशत या उससे अधिक है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वस्त्र और कृषि क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।



















