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लोहागढ़ किला क्यों बना चर्चा का केंद्र? ऐतिहासिक धरोहर के बीच बढ़ी ‘डार्क टूरिज्म’ पर बहस

JANVEENA by JANVEENA
July 1, 2026
in पर्यटन
0
लोहागढ़ किला क्यों बना चर्चा का केंद्र? ऐतिहासिक धरोहर के बीच बढ़ी ‘डार्क टूरिज्म’ पर बहस

महाराष्ट्र के लोनावला के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किला हाल के दिनों में एक अलग वजह से चर्चा में आ गया है। एक चर्चित आपराधिक मामले के बाद बड़ी संख्या में लोग उस स्थान को देखने पहुंच रहे हैं, जिसे सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में घटना से जोड़ा जा रहा है। इस प्रवृत्ति ने ‘डार्क टूरिज्म’ यानी दुखद या चर्चित घटनाओं से जुड़े स्थानों की ओर आकर्षण को लेकर बहस छेड़ दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल के समय में किले पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। बताया जा रहा है कि कुछ पर्यटक ऐतिहासिक महत्व से अधिक उस स्थान को देखने में रुचि दिखा रहे हैं जिसे घटना से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, प्रशासन या आधिकारिक स्तर पर ऐसे किसी नामकरण को मान्यता नहीं दी गई है।

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हेरिटेज संरक्षण से जुड़े लोगों ने चिंता जताई है कि किसी ऐतिहासिक स्थल की पहचान उसके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से होनी चाहिए, न कि किसी आपराधिक घटना से। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री और चर्चाएं कभी-कभी स्मारकों की मूल पहचान को प्रभावित कर सकती हैं।

करीब 2,000 साल पुराना इतिहास
सह्याद्री पर्वत श्रृंखला में स्थित लोहागढ़ किला महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। माना जाता है कि इसकी शुरुआती संरचना प्राचीन काल में विकसित हुई और बाद में कई राजवंशों के शासन के दौरान इसका विस्तार हुआ।

इस किले का संबंध मराठा इतिहास से भी जुड़ा माना जाता है। छत्रपति शिवाजी महाराज के दौर में इसका रणनीतिक महत्व बढ़ा और इसे सुरक्षा तथा भंडारण के लिए उपयोग में लाया गया। बाद के वर्षों में भी इस किले का सैन्य और प्रशासनिक महत्व बना रहा।

लोहागढ़ में क्या देखें?
किले का सबसे प्रसिद्ध हिस्सा ‘विंचू काटा’ माना जाता है, जिसकी आकृति दूर से देखने पर बिच्छू की पूंछ जैसी दिखाई देती है। इसके अलावा यहां मौजूद विशाल प्रवेश द्वार, प्राचीन जल संरचनाएं और आसपास के प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

किले के आसपास स्थित प्राचीन बौद्ध गुफाएं और सामने दिखाई देने वाला विसापुर किला भी इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को और बढ़ाते हैं।

घूमने का सही समय और ट्रेक अनुभव
मानसून के दौरान लोहागढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर होता है। हरियाली, बादल और पहाड़ी दृश्य इसे लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थलों में शामिल करते हैं। यहां पहुंचने के लिए मालावली रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक माना जाता है और ऊपर तक जाने के लिए सीढ़ियों वाला मार्ग उपलब्ध है।

ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के कारण लोहागढ़ लंबे समय से लोकप्रिय पर्यटन स्थल रहा है। संरक्षण से जुड़े लोग चाहते हैं कि आने वाले पर्यटक इसकी विरासत और सांस्कृतिक पहचान को प्राथमिकता दें।

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