सिरदर्द होने पर अक्सर लोग इसे थकान, तनाव या नींद की कमी का नतीजा मान लेते हैं। हालांकि, हर तरह के सिरदर्द की वजह और उसके लक्षण एक जैसे नहीं होते। सामान्य तनाव से जुड़े सिरदर्द में सिर पर दबाव या कसाव महसूस हो सकता है, जबकि माइग्रेन में तेज या धड़कन जैसा दर्द, मतली और रोशनी व आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दर्द की प्रकृति, उसकी अवधि और साथ दिखाई देने वाले लक्षणों को समझकर दोनों के बीच अंतर का अंदाजा लगाया जा सकता है।
माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द में अंतर के 6 प्रमुख संकेत
सिर के किस हिस्से में होता है दर्द?
तनाव से होने वाले सामान्य सिरदर्द में आमतौर पर सिर के दोनों तरफ दर्द या दबाव महसूस होता है। ऐसा लगता है, जैसे सिर के चारों ओर कसाव हो रहा हो। इसके विपरीत, माइग्रेन में अक्सर सिर के एक तरफ धड़कन जैसा दर्द होता है। हालांकि, माइग्रेन का दर्द दोनों तरफ भी हो सकता है। इसलिए केवल दर्द की जगह के आधार पर इसकी पहचान करना सही नहीं है।
दर्द के साथ मतली या उल्टी होना
सामान्य सिरदर्द में अक्सर हल्का या मध्यम दर्द और सिर में भारीपन महसूस होता है। माइग्रेन के दौरान दर्द के साथ जी मिचलाना या उल्टी होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कई लोगों को इस दौरान शांत और अंधेरे कमरे में आराम करने की जरूरत महसूस होती है। ये लक्षण माइग्रेन की पहचान में मदद कर सकते हैं।
तेज रोशनी और आवाज से परेशानी
माइग्रेन से पीड़ित लोगों को तेज रोशनी, शोर या तेज आवाज से परेशानी हो सकती है। इसके कारण सामान्य वातावरण में रहना भी मुश्किल लग सकता है। तनाव से जुड़े सामान्य सिरदर्द में भी असुविधा हो सकती है, लेकिन रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता माइग्रेन में अधिक प्रमुख हो सकती है।
सिरदर्द कितनी देर तक रहता है?
तनाव से जुड़े सिरदर्द की अवधि अलग-अलग हो सकती है। यह लगभग 30 मिनट से लेकर कई घंटों तक रह सकता है। वहीं, वयस्कों में माइग्रेन का एक दौरा आमतौर पर 4 से 72 घंटे तक चल सकता है, खासकर जब उसका प्रभावी उपचार न किया जाए। यदि सिरदर्द बार-बार हो रहा है या रोजमर्रा के काम प्रभावित कर रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
शारीरिक गतिविधि से दर्द बढ़ना
सामान्य तनाव वाले सिरदर्द में रोजमर्रा की गतिविधियों से दर्द हमेशा नहीं बढ़ता। इसके उलट, माइग्रेन में चलने, सीढ़ियां चढ़ने या अन्य सामान्य शारीरिक गतिविधियों से दर्द बढ़ सकता है। ऐसे में व्यक्ति आराम करना पसंद करता है और काम करने में परेशानी महसूस कर सकता है।
माइग्रेन ऑरा के लक्षण दिखाई देना
कुछ लोगों को माइग्रेन का दर्द शुरू होने से पहले या उसके दौरान नजर और संवेदनाओं में बदलाव महसूस होते हैं। इसे माइग्रेन ऑरा कहा जाता है। इसमें आंखों के सामने चमकती रोशनी, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं या धब्बे दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को हाथ-पैरों में झनझनाहट या बोलने में परेशानी भी हो सकती है। हालांकि, हर माइग्रेन पीड़ित को ऑरा के लक्षण नहीं होते।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के कई लक्षण एक-दूसरे से मिल सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी तय करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। यदि सिरदर्द बार-बार हो, उसकी तीव्रता बढ़ रही हो या दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा हो, तो चिकित्सकीय जांच कराएं।
अगर अचानक बेहद तेज सिरदर्द हो, या उसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी, नजर में अचानक बदलाव, भ्रम या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। ऐसे लक्षणों को केवल माइग्रेन समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, चिकित्सा जांच या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं। सिरदर्द का सही कारण जानने और उचित उपचार के लिए चिकित्सकीय परामर्श लें।



















