दुनिया के तेल बाजार और अमेरिका की राजनीति पर असर डालने के लिए ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव कर सकता है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ईरान इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की रणनीति पर विचार कर रहा है। इसका मकसद तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रखना और अमेरिका के मध्यावधि चुनावों पर दबाव डालना बताया गया है।
अमेरिका और इजरायल की ओर से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए जाने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान इस रणनीतिक मार्ग पर अपना प्रभाव बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि यहां जहाजों की आवाजाही पर पाबंदियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
तेल की कीमतों के जरिए अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम है। युद्ध से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) व्यापार इसी समुद्री रास्ते से गुजरता था। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों पर पड़ सकता है।
ईरान की रणनीति को अमेरिका पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यदि इस समुद्री मार्ग पर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका असर ऊर्जा आपूर्ति, परिवहन लागत और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
अमेरिकी युद्धपोतों को लेकर ईरान का सख्त संदेश
ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, रियर एडमिरल अली अजमाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी को लेकर कड़ा बयान दिया है। उनके मुताबिक, ईरानी सेना अमेरिकी युद्धपोतों के समुद्री मार्ग के प्रवेश क्षेत्र के पास आने का इंतजार कर रही है।
अजमाई ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोत ईरान की सैन्य कार्रवाई के खतरे के कारण इस इलाके के करीब आने से बच रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें ईरान का पक्ष ही माना जाना चाहिए।
होर्मुज पर वास्तव में किसका नियंत्रण है?
ईरान का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी सैन्य स्थिति मजबूत है। अजमाई के अनुसार, लगभग 13 अरब डॉलर मूल्य का एक अमेरिकी विमानवाहक पोत इस समुद्री मार्ग से करीब 700 किलोमीटर दूर चला गया है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज खुला है या बंद, इसका आकलन वास्तविक हालात देखकर किया जाना चाहिए।
ईरानी अधिकारी ने कुछ जहाजों के खिलाफ कार्रवाई और प्रतिबंध लगाए जाने की घटनाओं का भी जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों पर इन घटनाओं की खबरों को दबाने का आरोप लगाया।
फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर ईरान के दावों और समुद्री मार्ग की वास्तविक स्थिति के बीच अंतर समझना जरूरी है। ईरान इस क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमता और प्रभाव का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन किसी एक पक्ष के पूर्ण नियंत्रण का निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र समुद्री निगरानी और विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों की पुष्टि आवश्यक है।


















