सर्दियों का मौसम शुरू होते ही कई लोगों को सर्दी-जुकाम, छींक, नाक बहने और गले में खराश जैसी परेशानियां होने लगती हैं। बदलते मौसम में इन लक्षणों को अक्सर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन इनकी वजह कई तरह के वायरस हो सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या उसके संपर्क में आने से भी जुकाम फैल सकता है।
हालांकि, हर बार जुकाम को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं होता, लेकिन साफ-सफाई, पर्याप्त नींद और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है। अगर शुरुआती लक्षण दिखाई देने लगें, तो समय रहते कुछ उपाय करने से परेशानी से राहत पाने में मदद मिल सकती है।
जुकाम के शुरुआती लक्षण दिखते ही क्या करें?
सर्दी-जुकाम की शुरुआत अक्सर गले में हल्की खराश, नाक में खुजली, छींक आने या नाक बहने से होती है। ऐसे लक्षण महसूस होने पर शरीर को आराम देना और अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।
1. पर्याप्त आराम करें: जुकाम के शुरुआती दिनों में शरीर को पर्याप्त नींद और आराम दें। इससे शरीर को संक्रमण से उबरने में मदद मिलती है।
2. पानी और तरल पदार्थ लेते रहें: दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। गुनगुना पानी, सूप या दूसरे गर्म पेय गले की परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं।
3. नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करें: गले में खराश होने पर गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करने से असहजता में राहत मिल सकती है। छोटे बच्चों को गरारे तभी कराएं, जब वे सुरक्षित तरीके से ऐसा कर सकें।
4. खांसी होने पर शहद का इस्तेमाल करें: एक साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों में शहद खांसी से कुछ राहत दे सकता है। एक साल से कम उम्र के शिशुओं को शहद बिल्कुल न दें।
5. नाक बंद होने पर सलाइन का इस्तेमाल करें: सलाइन नेजल स्प्रे या ड्रॉप्स नाक की सफाई और बंद नाक से राहत पाने में मदद कर सकते हैं। किसी भी दवा का इस्तेमाल उम्र और जरूरत के अनुसार करें।
ध्यान रखें कि ये उपाय लक्षणों से राहत देने के लिए हैं। इनसे जुकाम तुरंत ठीक होने या संक्रमण पूरी तरह रुकने की गारंटी नहीं होती।
सर्दियों में जुकाम से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें
सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है।
- हाथों की सफाई रखें: बाहर से घर आने के बाद और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं। साबुन और पानी उपलब्ध न होने पर हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- चेहरे को बार-बार छूने से बचें: बिना साफ हाथों के आंख, नाक और मुंह छूने से बचें।
- खांसते या छींकते समय सावधानी बरतें: मुंह और नाक को टिश्यू या कोहनी से ढकें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को तुरंत कूड़ेदान में डाल दें।
- कमरे में हवा का आवागमन बनाए रखें: घर और कार्यस्थल पर उचित वेंटिलेशन रखें। इससे हवा में मौजूद संक्रमण फैलाने वाले कणों का जमाव कम करने में मदद मिल सकती है।
- व्यक्तिगत सामान साझा न करें: जुकाम से संक्रमित व्यक्ति के साथ रूमाल या तौलिया साझा करने से बचें। पानी के गिलास जैसी वस्तुओं को भी साफ रखें।
- पर्याप्त नींद लें: नियमित नींद और संतुलित आहार शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
- जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें: भीड़भाड़ वाली जगहों या संक्रमित लोगों के संपर्क में आने पर अच्छी तरह फिट होने वाला मास्क संक्रमण का खतरा कम करने में मदद कर सकता है।
क्या ठंड लगने से ही होता है जुकाम?
सर्दियों में जुकाम के मामले बढ़ सकते हैं, लेकिन सामान्य सर्दी-जुकाम का मुख्य कारण वायरस हैं, केवल ठंडा मौसम नहीं। ठंड के मौसम में लोग अधिक समय बंद कमरों में बिताते हैं और एक-दूसरे के करीब रहते हैं, जिससे कुछ संक्रमणों के फैलने की संभावना बढ़ सकती है।
इसलिए गर्म कपड़े पहनने के साथ-साथ साफ-सफाई, वेंटिलेशन और संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचने पर भी ध्यान देना चाहिए। फ्लू और कोविड-19 जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार अनुशंसित टीकाकरण भी उपयोगी हो सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
सामान्य जुकाम के लक्षण अक्सर समय के साथ ठीक होने लगते हैं। फिर भी कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- बुखार चार दिन से अधिक समय तक बना रहे।
- लक्षण दस दिन बाद भी ठीक न हों।
- पहले राहत मिलने के बाद बुखार या खांसी दोबारा बढ़ जाए।
- शरीर में पानी की कमी के संकेत दिखाई दें।
- खांसी या जुकाम के साथ कोई दूसरी गंभीर परेशानी हो।
अगर सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या भ्रम जैसी गंभीर समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को लक्षण बढ़ने पर जल्दी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
जुकाम के कुछ लक्षण फ्लू और दूसरी श्वसन संबंधी बीमारियों से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए तेज बुखार, बहुत ज्यादा कमजोरी या गंभीर लक्षणों को सामान्य जुकाम समझकर नजरअंदाज न करें।
जुकाम होने पर इन गलतियों से बचें
जुकाम होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है, क्योंकि सामान्य वायरल जुकाम पर इनका असर नहीं होता। इसी तरह, नाक खोलने वाली दवाओं और दूसरी सर्दी-जुकाम की दवाओं का इस्तेमाल भी निर्देशों के अनुसार करना चाहिए। खासकर बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसी दवाएं न दें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है, चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं। लक्षण गंभीर होने, लंबे समय तक बने रहने या सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।


















