देशभर में गणेश उत्सव की शुरुआत के साथ दिल्ली में भी जगह-जगह गणपति पंडाल सजाए गए हैं। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में भगवान गणेश की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
अगर आप मुंबई के प्रसिद्ध गणपति उत्सव जैसा माहौल दिल्ली में महसूस करना चाहते हैं, तो मयूर विहार के ‘मयूर विहार राजा’ के दर्शन कर सकते हैं। यहां गणपति पंडाल को खास थीम पर तैयार किया गया है। दर्शन के लिए जाने से पहले पंडाल का समय और स्थान जानना आपके लिए उपयोगी रहेगा।
मयूर विहार राजा के दर्शन का समय
पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के लिए सुबह और शाम दो समय निर्धारित किए गए हैं। दोपहर के वक्त कुछ घंटों के लिए दर्शन बंद रहेंगे।
दर्शन का समय:
- सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
- दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक दर्शन बंद
- शाम 4:00 बजे से रात 12:00 बजे तक दर्शन
अगर आप परिवार के साथ दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो दोपहर के बंद समय को ध्यान में रखकर ही अपना कार्यक्रम बनाएं।
मयूर विहार राजा की आरती का समय
गणपति पंडाल में आरती भी प्रमुख आकर्षण का हिस्सा है। श्रद्धालु आरती में शामिल होकर भगवान गणेश का आशीर्वाद ले सकते हैं।
आरती का समय:
- सुबह 7:00 बजे
- शाम 8:30 बजे
आरती के समय पंडाल में भीड़ ज्यादा हो सकती है, इसलिए समय से कुछ पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।
छत्रपति शिवाजी की थीम पर सजा पंडाल
हर साल गणेश उत्सव के दौरान अलग-अलग पंडालों को खास थीम के साथ सजाया जाता है। इस बार मयूर विहार राजा के पंडाल की सजावट छत्रपति शिवाजी महाराज की थीम पर की गई है।
पंडाल प्रताप नगर, मयूर विहार में अग्रवाल स्वीट्स कॉर्नर और प्राचीन शिव मंदिर के आसपास लगाया गया है। यहां की सजावट और गणपति प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मयूर विहार गणेश पंडाल कैसे पहुंचें?
मेट्रो से
मयूर विहार फेज-1 मेट्रो स्टेशन इस पंडाल तक पहुंचने के लिए सुविधाजनक विकल्प है। यह स्टेशन ब्लू लाइन और पिंक लाइन से जुड़ा हुआ है।
स्टेशन से पंडाल तक पैदल, ई-रिक्शा या ऑटो से पहुंचा जा सकता है। पंडाल पॉकेट-4 क्षेत्र में स्थित बताया गया है।
सड़क मार्ग से
नोएडा लिंक रोड और खिदिराम बोस मार्ग की तरफ से मयूर विहार फेज-1 पॉकेट-4 पहुंचना आसान है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार कैब, ऑटो या निजी वाहन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर आप गणेश उत्सव के दौरान दिल्ली में किसी भव्य गणपति पंडाल के दर्शन करना चाहते हैं, तो मयूर विहार राजा आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि पंडाल में जाने से पहले दर्शन और आरती के समय में स्थानीय स्तर पर कोई बदलाव हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी जरूर जांच लें।




















