ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान के बाद पाकिस्तान अब सीमा पर अपना क्षतिग्रस्त ढांचा फिर से तैयार कर रहा है। इस बार वह सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बना रहा है, जिसमें उसे चीन का सहयोग भी मिल रहा है। भारतीय सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पाकिस्तान हाई-फ्रिक्वेंसी वाले डुअल सेंसर कैमरे लगा रहा है।
जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान नई निगरानी प्रणाली तैयार कर रहा है। इन कैमरों का उद्देश्य न सिर्फ अपनी सीमा की सुरक्षा बढ़ाना है, बल्कि भारतीय सुरक्षा बलों की मूवमेंट को दूर तक मॉनिटर करना भी है।
डुअल सेंसर कैमरे पहले से ज्यादा आधुनिक
पहले पाकिस्तान ने सामान्य फ्रीक्वेंसी वाले कैमरे लगाए थे, लेकिन नए डुअल सेंसर कैमरे अधिक उन्नत तकनीक वाले हैं। ये भारतीय क्षेत्र के भीतर लगभग 5–6 किलोमीटर तक गतिविधियों की निगरानी कर सकते हैं।
सीमा के पास किसानों का दावा
सीमावर्ती गांवों के किसान बताते हैं कि पहले इतने कैमरे नहीं लगाए जाते थे, जबकि अब संख्या भी ज्यादा है और उनके लिए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं।
घुसपैठ की आशंका बढ़ी
बर्फबारी से पहले और धुंध बढ़ने के दौरान पाकिस्तान घुसपैठ की कोशिशें तेज कर सकता है। इसके लिए उसने जम्मू अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगभग 72 लॉन्च पैड सक्रिय कर दिए हैं। इन लॉन्च पैड्स को इस बार सीमा से दूर गांवों में शिफ्ट किया गया है ताकि भारतीय सुरक्षा बलों की नजर से बचा जा सके।
बीएसएफ की जानकारी
बीएसएफ पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नष्ट हुए अपने वॉच टावर और अन्य ढांचे को फिर से खड़ा कर रहा है। साथ ही, सीमा से सटे इलाकों में उसकी गतिविधियां भी बढ़ती दिखाई दे रही हैं।



















