Epileptic Attack Tongue Bite: कोई व्यक्ति अचानक जमीन पर गिरता है, उसका पूरा शरीर कांपने लगता है और कुछ ही पल में उसके मुंह से झाग निकलने लगता है. अक्सर देखा गया है कि मिर्गी के दौरे के दौरान ऐसे ही दृश्य सामने आते हैं और सबसे चौंकाने वाली बात होती है कि जीभ का कट जाना. यह न केवल पीड़ित के लिए दर्दनाक होता है, बल्कि देखने वालों के लिए भी डरावना अनुभव बन जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर मिर्गी के दौरे के दौरान जीभ क्यों कट जाती है? यह केवल एक दुर्घटना है या फिर इसका कोई वैज्ञानिक कारण भी है?
दौरे के दौरान शरीर में क्या होता है?
मिर्गी का दौरा पड़ने पर मस्तिष्क से अचानक और अनियंत्रित विद्युत सिग्नल्स निकलते हैं, जिससे पूरे शरीर की मांसपेशियां अकड़ने लगती हैं. खासकर पूरे शरीर में झटके आते हैं और जबड़े की मांसपेशियां भी कसकर बंद हो जाती हैं.
जीभ क्यों कट जाती है?
जब मिर्गी का दौरा पड़ता है, तब व्यक्ति अपने होश में नहीं होता. इस दौरान जबड़े इतने तेजी से बंद होते हैं कि जीभ बीच में आ जाए तो वह कट जाती है. जीभ में नसें और रक्त धमनियां अधिक होती हैं, इसलिए कटते ही खून बहने लगता है.
दौरे के समय क्या नहीं करना चाहिए
पीड़ित के मुंह में कोई चीज डालना– जैसे चम्मच, कपड़ा
जबरन मुंह खोलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए
दौरे के समय उसे हिलाने या उठाने की कोशिश न करें
सही देखभाल क्या है
व्यक्ति को बाईं करवट लिटाएं, ताकि जीभ या लार गले में न फंसे
आसपास की चीजें हटा दें, ताकि वह खुद को चोट न पहुंचा सके
दौरा रुकने के बाद उसे अस्पताल लेकर जाएं
मिर्गी के दौरे के दौरान जीभ का कट जाना शरीर की अनियंत्रित प्रतिक्रियाओं का परिणाम होता है. यह खतरनाक हो सकता है, लेकिन सही जानकारी और प्राथमिक उपचार से इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है. यदि आपके आसपास किसी को मिर्गी की समस्या है, तो यह जानना जरूरी है कि दौरे के समय कैसे मदद करें.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.



















