बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों अपनी एक नई फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। फिल्म के नाम का फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन हाल ही में देहरादून में इसके रोमांटिक गाने की शूटिंग की चर्चा सामने आई थी। इसी सिलसिले में अभिनेता उत्तराखंड में मौजूद हैं। इस बीच रविवार, 18 अक्टूबर को अक्षय कुमार ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। दोनों के बीच राज्य की फिल्म नीति, शूटिंग की संभावनाओं और उत्तराखंड को फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा जगह बनाने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।
अक्षय कुमार मुख्यमंत्री से मिलने देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। इस मुलाकात में राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को फिल्मों की शूटिंग के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि प्रदेश को पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग के क्षेत्र में भी नई पहचान मिल सके।
उत्तराखंड को फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि उत्तराखंड में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। यहां के पहाड़, प्राकृतिक नजारे, खूबसूरत घाटियां और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं फिल्मों की शूटिंग के लिए आकर्षक माहौल तैयार करती हैं। सरकार फिल्म निर्माताओं को प्रदेश में शूटिंग के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
अक्षय कुमार के साथ हुई मुलाकात में राज्य की नई फिल्म नीति और फिल्म निर्माण से जुड़े अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक फिल्म निर्माता और प्रोडक्शन हाउस उत्तराखंड में शूटिंग के लिए आएं। इससे प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख फिल्म डेस्टिनेशन के तौर पर पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मिलेगा रोजगार
उत्तराखंड में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। फिल्मों की शूटिंग के दौरान कलाकारों, तकनीकी कर्मचारियों, स्थानीय सहायकों और अन्य पेशेवरों की जरूरत होती है। इससे प्रदेश के युवाओं को फिल्म उद्योग से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
इसके अलावा, फिल्म यूनिट के आने से होटल, परिवहन, खानपान और पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है। शूटिंग के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में फिल्म निर्माताओं की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिल सकता है। सरकार इसी उद्देश्य से फिल्म निर्माण के अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दे रही है।
उत्तराखंड की फिल्म नीति में क्या है खास?
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2024 में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई फिल्म नीति लागू की थी। इस नीति के तहत राज्य में फिल्मों की शूटिंग करने वाले निर्माताओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
नीति के तहत हिंदी फिल्मों को उत्तराखंड में किए गए पात्र खर्च का 30 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। इसकी अधिकतम सीमा 3 करोड़ रुपये निर्धारित है। वहीं, क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए पात्र खर्च का 50 प्रतिशत या अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है।
फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता का दायरा केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। वेब सीरीज, टेलीविजन धारावाहिकों और डॉक्यूमेंट्री जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए भी निर्धारित नियमों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
शूटिंग की अनुमति और ठहरने में भी मिलती है सुविधा
फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग की अनुमति की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से फिल्म यूनिट को जरूरी अनुमतियां प्राप्त करने में सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सात दिनों के भीतर अनुमति देने का प्रावधान भी बताया गया है।
इसके अतिरिक्त, फिल्म निर्माण से जुड़ी टीमों को गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में ठहरने पर 50 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था भी फिल्म नीति का हिस्सा है। ऐसी सुविधाओं से निर्माताओं का खर्च कम करने और उत्तराखंड में शूटिंग को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है।
फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
अक्षय कुमार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुलाकात उत्तराखंड में फिल्म निर्माण की संभावनाओं को लेकर हुई चर्चा के लिहाज से अहम है। राज्य सरकार प्राकृतिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को फिल्म उद्योग से जोड़कर पर्यटन को भी बढ़ावा देना चाहती है।
अगर आने वाले समय में प्रदेश में फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग बढ़ती है, तो इससे उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान मिल सकती है। साथ ही स्थानीय युवाओं, कलाकारों और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।



















