अक्टूबर आते ही मौसम में बदलाव महसूस होने लगता है। मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद कई इलाकों में मौसम घूमने-फिरने के लिए अनुकूल हो जाता है। इसी महीने दशहरा और अन्य त्योहारों की वजह से कई जगहों पर छुट्टियां भी मिलती हैं। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों के लिए छोटी यात्रा की योजना बनाने का यह अच्छा समय हो सकता है।
अगर आप भी अक्टूबर 2026 में कुछ दिनों की छुट्टी लेकर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो लॉन्ग वीकेंड को अपनी यात्रा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। धार्मिक स्थलों से लेकर ऐतिहासिक शहरों, पहाड़ी इलाकों और वन्यजीव क्षेत्रों तक कई तरह के विकल्प आपके पास मौजूद हैं।
अक्टूबर में कब-कब बन सकता है लंबा ब्रेक?
अक्टूबर में 2 से 4 तारीख के बीच वीकेंड के साथ छुट्टी जोड़कर छोटा ट्रिप प्लान किया जा सकता है। वहीं दशहरा और दुर्गा पूजा के आसपास भी कई जगहों पर लगातार छुट्टियां मिल सकती हैं।
17 और 18 अक्टूबर शनिवार और रविवार हैं। इसके बाद 19 अक्टूबर को कुछ राज्यों में महानवमी या दुर्गा पूजा से जुड़ा अवकाश और 20 अक्टूबर को दशहरा है। हालांकि छुट्टियों की स्थिति राज्य और संस्थान के कैलेंडर के अनुसार अलग हो सकती है।
इसके अलावा 24 से 26 अक्टूबर के बीच भी कुछ राज्यों में लंबा ब्रेक मिल सकता है।
दशहरा पर कोलकाता की दुर्गा पूजा का लें आनंद
अगर आप त्योहार के रंग में डूबकर यात्रा करना चाहते हैं, तो कोलकाता का रुख कर सकते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान शहर में बड़े-बड़े पंडाल सजाए जाते हैं और अलग-अलग इलाकों में रोशनी व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का माहौल रहता है।
पूजा पंडालों के साथ यहां की स्थानीय संस्कृति, खानपान और रात के समय शहर की सजावट भी यात्रा को खास बना सकती है। हालांकि त्योहार के दौरान काफी भीड़ रहती है, इसलिए होटल और यात्रा की बुकिंग पहले करना बेहतर रहेगा।
अयोध्या में धार्मिक यात्रा का बनाएं प्लान
दशहरा के मौके पर अयोध्या जाना भी एक विकल्प हो सकता है। यहां राम मंदिर के साथ सरयू घाट और शहर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को देखा जा सकता है।
त्योहार के समय अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए यात्रा से पहले होटल, परिवहन और स्थानीय व्यवस्थाओं की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
वाराणसी और मैसूर भी हैं विकल्प
धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव पसंद करने वालों के लिए वाराणसी एक और विकल्प है। काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट के अलावा रामनगर की दशहरा परंपरा भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहती है।
दूसरी ओर, मैसूर में दशहरा उत्सव अपनी अलग पहचान रखता है। मैसूर पैलेस की सजावट और शहर में होने वाले कार्यक्रम इस दौरान यात्रा का अलग अनुभव दे सकते हैं।
24 से 26 अक्टूबर के बीच बना सकते हैं छोटा ट्रिप
24 और 25 अक्टूबर को शनिवार और रविवार हैं। 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती का अवकाश कुछ राज्यों में रहता है। इसलिए जिन लोगों के ऑफिस या राज्य के कैलेंडर में इस दिन छुट्टी है, वे तीन दिन का छोटा ट्रिप प्लान कर सकते हैं।
इस दौरान बहुत दूर जाने के बजाय आसपास के पर्यटन स्थलों का चुनाव करना यात्रा को सुविधाजनक बना सकता है।
अक्टूबर के आखिर में पहाड़ों का करें रुख
अगर आप त्योहारों की भीड़ से दूर शांत माहौल में समय बिताना चाहते हैं, तो पहाड़ी जगहों का विकल्प चुन सकते हैं।
चंडीगढ़ के साथ कसौली को जोड़ा जा सकता है। इससे शहर और पहाड़ दोनों का अनुभव एक ही यात्रा में मिल सकता है।
मध्य प्रदेश घूमने के इच्छुक लोग भोपाल का प्लान बना सकते हैं। यहां झीलों, पुराने शहर और आसपास के ऐतिहासिक स्थलों को देखने का मौका मिलता है।
इतिहास और प्राचीन वास्तुकला में रुचि रखने वालों के लिए हम्पी भी एक विकल्प है। यहां ऐतिहासिक स्मारकों और विरासत स्थलों को करीब से देखा जा सकता है।
टाइगर रिजर्व में लें जंगल सफारी का रोमांच
अगर आप इस बार कुछ अलग करना चाहते हैं, तो अक्टूबर के दौरान जंगल सफारी का विकल्प भी देख सकते हैं। मानसून के बाद कई राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व धीरे-धीरे पर्यटकों के लिए खुलते हैं।
ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में भी अक्टूबर से पर्यटन गतिविधियां शुरू होने के साथ जंगल सफारी का विकल्प मिलता है। वहीं कॉर्बेट नेशनल पार्क के अलग-अलग जोन भी मौसम और प्रशासनिक नियमों के अनुसार पर्यटकों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
हालांकि जंगल सफारी का प्लान बनाने से पहले संबंधित पार्क की आधिकारिक वेबसाइट पर ओपन जोन, सफारी स्लॉट और बुकिंग नियम जरूर जांच लें।
ट्रिप से पहले इन बातों का रखें ध्यान
लॉन्ग वीकेंड पर घूमने निकलने से पहले अपने ऑफिस की छुट्टियों का कैलेंडर जरूर देख लें। हर कंपनी और राज्य में छुट्टियों की सूची अलग हो सकती है।
त्योहारों के दौरान ट्रेनों, बसों और फ्लाइट में भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए यात्रा तय होने के बाद टिकट जल्द बुक करना फायदेमंद रहेगा।
होटल की बुकिंग भी पहले कर लें, खासकर अयोध्या, कोलकाता और अन्य लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के लिए।
अगर पहाड़ी क्षेत्र या जंगल सफारी का प्लान है, तो यात्रा से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देश जरूर जांचें।
त्योहार के दौरान किसी शहर में जाने पर स्थानीय भीड़, कार्यक्रमों के समय और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर अपना पूरा यात्रा कार्यक्रम बनाएं।



















