नई दिल्ली: मेडिकल इवैक्यूएशन के लिए उड़ान भर रहा एक विमान अटलांटिक महासागर के ऊपर अचानक रडार से गायब हो गया। उड़ान के दौरान विमान की ओर से आपात स्थिति और बिजली से जुड़ी परेशानी की जानकारी दी गई थी। इसके कुछ समय बाद विमान का रेडियो और रडार संपर्क टूट गया।
घटना के बाद अमेरिकी तटरक्षक बल ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान नैनटकेट के दक्षिण में विमान से संबंधित मलबा बरामद हुआ। विमान में दो पायलट, दो मेडिकल कर्मचारी, एक मरीज और मरीज का एक परिजन मौजूद था। हादसे के समय विमान में कुल छह लोग सवार थे।
सामने आया आखिरी रेडियो संपर्क
विमान कनाडा में पंजीकृत गल्फस्ट्रीम जी100 था और इसका संचालन लैटिट्यूड एयर एम्बुलेंस की ओर से किया जा रहा था। विमान ने शनिवार देर रात करीब 12:41 बजे बरमूडा स्थित एलएफ वेड इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। उसे अमेरिका के बोस्टन स्थित लोगान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना था।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल की रिकॉर्डिंग में उड़ान के अंतिम समय की बातचीत सामने आई है। इसमें कंट्रोलर ने पायलट से पूछा कि क्या उन्होंने बिना दृश्यता के उड़ान भरने की बात कही है। पायलट की प्रतिक्रिया पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी।
इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से चालक दल से यह भी पूछा गया कि क्या वे आपात स्थिति घोषित कर रहे हैं। इसके कुछ ही समय बाद विमान से संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया।
करीब दो मिनट में 13 हजार फीट नीचे आया विमान
उड़ान के दौरान विमान लगभग 24 हजार फीट की ऊंचाई पर था। इसके बाद उसने बेहद कम समय में तेजी से ऊंचाई खोनी शुरू कर दी।
लगभग दो मिनट के दौरान विमान करीब 13 हजार फीट नीचे आ गया। संपर्क टूटने से पहले उसकी ऊंचाई लगभग 10 हजार फीट तक पहुंच गई थी।
यह घटना उस समय हुई जब विमान मैसाचुसेट्स के तट की ओर आगे बढ़ रहा था। विमान नैनटकेट से करीब 80 मील दक्षिण में बताया गया। बोस्टन लोगान एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने की तैयारी में आपातकालीन टीम को भी सतर्क कर दिया गया था, लेकिन विमान अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सका।
संपर्क टूटते ही शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
रात करीब 1:20 बजे खोज और बचाव अभियान को लेकर अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद अमेरिकी तटरक्षक बल ने नैनटकेट के दक्षिण में समुद्री इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया।
सर्च टीमों ने समुद्र में विमान के संभावित अंतिम स्थान के आसपास बड़े क्षेत्र में तलाश की। अभियान के दौरान विमान से संबंधित मलबा बरामद किया गया। हालांकि मलबा मिलने के बाद भी विमान में सवार लोगों का पता लगाने की कोशिश जारी रही।
1,644 वर्ग मील समुद्री क्षेत्र में तलाशी
तटरक्षक बल की टीमों ने करीब 1,644 वर्ग मील समुद्री इलाके में खोज अभियान चलाया। मलबे की बरामदगी से जांच एजेंसियों को विमान के संभावित अंतिम स्थान और हादसे से जुड़े अहम भौतिक सुराग मिले हैं।
विमान में छह लोग सवार थे। इनमें दो पायलट, दो मेडिकल स्टाफ, एक मरीज और मरीज का एक परिजन शामिल था। जानकारी के मुताबिक, चालक दल के चारों सदस्य कनाडा के नागरिक थे, जबकि विमान में मौजूद दोनों यात्री बरमूडा के रहने वाले थे।
उड़ान के दौरान आई थी बिजली से जुड़ी परेशानी
हादसे से पहले विमान में बिजली से संबंधित समस्या सामने आने की जानकारी मिली थी। इसके बाद विमान की स्थिति को लेकर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया गया।
बाद में नैनटकेट के दक्षिणी क्षेत्र के पास विमान का रेडियो और रडार संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे आया और समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसे की वजह जानने में जुटी जांच एजेंसियां
फिलहाल जांच एजेंसियां दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। जांच में विमान की तेजी से कम हुई ऊंचाई, बिजली से जुड़ी समस्या, अंतिम रेडियो बातचीत और समुद्र में मिले मलबे को महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है।
अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि विमान में तकनीकी समस्या किस स्तर की थी और इसके बाद इतनी तेजी से ऊंचाई गिरने की स्थिति क्यों बनी। हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।



















