यमन में हूती लड़ाकों की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। UAE समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने आरोप लगाया है कि हूतियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर उसके कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल तारेक सालेह की आवाज की नकल तैयार की और सैनिकों को पीछे हटने का फर्जी निर्देश जारी किया।
बताया जा रहा है कि यह ऑडियो उस समय सामने आया, जब हूती लड़ाके यमन के पश्चिमी तट पर सरकारी समर्थित बलों के ठिकानों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे थे।
तारेक सालेह की आवाज में सामने आया कथित संदेश
वायरल हुए ऑडियो में कथित तौर पर तारेक सालेह जैसी आवाज सुनाई देती है। इसमें सैनिकों को मोचा इलाके से पीछे हटने का निर्देश दिए जाने की बात कही गई थी।
हालांकि नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के सैन्य मीडिया ने इस रिकॉर्डिंग को फर्जी करार दिया। संगठन का आरोप है कि हूतियों ने AI तकनीक के जरिए कमांडर की आवाज तैयार कर सैनिकों के बीच भ्रम पैदा करने और उनका मनोबल कमजोर करने की कोशिश की।
फिलहाल इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि रिकॉर्डिंग वास्तव में AI से बनाई गई थी या इसके पीछे कोई अन्य तकनीक इस्तेमाल हुई।
सैनिकों को हथियार छोड़ने का संदेश देने का भी दावा
कथित ऑडियो के अलावा सैनिकों तक ऐसे संदेश पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है, जिनमें हथियार छोड़कर घर लौटने वाले लड़ाकों को माफी देने की बात कही गई थी।
ऐसे संदेशों का उद्देश्य सैनिकों को यह विश्वास दिलाना हो सकता है कि मोर्चे पर परिस्थितियां उनके खिलाफ हो चुकी हैं और लड़ाई जारी रखना मुश्किल है। हालांकि इन संदेशों से कितने सैनिक प्रभावित हुए, इसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसी वजह से यह तय करना भी मुश्किल है कि कथित AI ऑडियो और इन संदेशों का हूतियों की सैन्य बढ़त पर वास्तविक रूप से कितना प्रभाव पड़ा।
मोचा पर कब्जे के बाद बाब अल-मंदाब की ओर बढ़त
यह विवाद उस समय सामने आया है, जब हूती लड़ाकों ने यमन के महत्वपूर्ण लाल सागर तटीय शहर मोचा पर कब्जा कर लिया। इसके बाद सरकारी समर्थित बलों को वहां से पीछे हटना पड़ा।
तारेक सालेह की ओर से इस कदम को पूरी तरह हार के बजाय रणनीतिक वापसी बताया गया। उनके पक्ष के अनुसार, सैनिकों को दोबारा संगठित करने के लिए यह फैसला लिया गया।
मोचा पर नियंत्रण के बाद हूती लड़ाकों की गतिविधियां धुबाब और बाब अल-मंदाब की दिशा में भी बढ़ी हैं। इसके साथ मायुन यानी पेरिम द्वीप और हनिश द्वीप समूह के आसपास भी उनकी स्थिति मजबूत होने की बात कही जा रही है।
बाब अल-मंदाब पर बढ़ी चिंता
बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह एशिया और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है और आगे स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी क्षेत्र से गुजरते हैं।
ऐसे में इस इलाके में किसी भी सशस्त्र गुट की बढ़ती पकड़ अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए चिंता का विषय बन सकती है। लाल सागर में पहले से मौजूद तना



















