बांग्लादेश में पूर्व वायुसेना अधिकारी के.एम. तहसीफ सौरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 28 वर्षीय सौरी का शव 28 अक्टूबर 2026 को ढाका की तुराग नदी से बरामद किया गया था। वह इससे एक दिन पहले अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनकी मौत के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई है।
तहसीफ सौरी का नाम उस वीडियो को लेकर भी चर्चा में आया था, जिसमें बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ते हुए दिखाया गया था। परिवार का दावा है कि वीडियो से जुड़े विवाद के बाद उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, उनकी मौत का वीडियो से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। आइए जानते हैं कि तहसीफ सौरी कौन थे, वह कब लापता हुए और उनकी मौत के मामले में अब तक क्या-क्या सामने आया है।
शेख हसीना के देश छोड़ने वाले वीडियो से जुड़ा था नाम, अब नदी में मिला पूर्व वायुसेना अधिकारी का शव; हत्या के मामले में नया मोड़
बांग्लादेश में पूर्व वायुसेना अधिकारी के.एम. तहसीफ सौरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 28 वर्षीय तहसीफ का शव 28 अक्टूबर 2026 को ढाका की तुराग नदी से बरामद हुआ था। वह एक दिन पहले अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनकी मौत के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। अब उनके पिता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज करा दिया है।
तहसीफ का नाम अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने से जुड़े एक वीडियो को लेकर चर्चा में आया था। आरोप था कि उन्होंने इस वीडियो को रिकॉर्ड किया या सोशल मीडिया पर साझा किया था। हालांकि, तहसीफ ने सार्वजनिक बातचीत में इन आरोपों पर सवाल उठाए थे और कहा था कि उनके खिलाफ क्या सबूत हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया।
परिवार का दावा है कि वीडियो विवाद के बाद तहसीफ को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, पुलिस अभी उनकी मौत की असली वजह और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की शुरुआत कैसे हुई और अब तक जांच में क्या-क्या सामने आया है।
कौन थे के.एम. तहसीफ सौरी?
के.एम. तहसीफ सौरी बांग्लादेश वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत रह चुके थे। वह 28 साल के थे और ढाका के उत्तरा इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे। साल 2024 में उन्हें वायुसेना से सेवा से अलग कर दिया गया था। इस कार्रवाई के पीछे के कारणों को लेकर भी विवाद रहा।
वायुसेना से अलग होने के बाद उन्होंने अलग-अलग संस्थानों में काम किया। उनके पिता के अनुसार, वह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, एक मीडिया संस्थान और बाद में एक निजी कंपनी से भी जुड़े रहे थे।
तहसीफ का नाम तब ज्यादा चर्चा में आया, जब उन पर आरोप लगा कि उन्होंने 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के देश छोड़ने से जुड़ा वीडियो रिकॉर्ड किया या उसे आगे साझा किया था। यह वही दौर था, जब बांग्लादेश में बड़े राजनीतिक आंदोलन के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर देश से बाहर जाना पड़ा था।
शेख हसीना के वीडियो को लेकर क्या था विवाद?
5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के दौरान विमान में सवार होने से जुड़ा एक वीडियो सामने आया था। बाद में कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह फुटेज कुर्मीटोला एयरपोर्ट पर रिकॉर्ड किया गया था और इसे फैलाने में तहसीफ की भूमिका थी।
हालांकि, तहसीफ ने इस दावे को सीधे स्वीकार नहीं किया था। 21 जुलाई 2026 को एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान उनसे वीडियो रिकॉर्ड करने और साझा करने को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा था कि अगर उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड किया या साझा किया भी, तो उनके खिलाफ इसका सबूत क्या है? उन्होंने यह संभावना भी जताई थी कि इन आरोपों का उनकी वायुसेना से विदाई के फैसले से संबंध हो सकता है।
तहसीफ ने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ से संबंध होने के आरोपों को भी खारिज किया था। उनका कहना था कि इस तरह के दावों का कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने यह भी बताया था कि वीडियो विवाद के बाद उन्हें सामाजिक स्तर पर परेशानी और बदनामी का सामना करना पड़ा।
27 अक्टूबर की शाम घर से निकले, फिर नहीं लौटे
तहसीफ के लापता होने की घटना 27 अक्टूबर 2026 की शाम की है। वह ढाका के उत्तरा सेक्टर-18 स्थित अपने घर से एक परिचित युवक के बुलाने पर बाहर निकले थे। परिवार के मुताबिक, वह अपनी मोटरसाइकिल लेकर घर से गए थे।
बताया गया कि घर से निकलने के बाद वह अपने परिचित दीप के साथ मिले। दीप ने पूछताछ के दौरान बताया कि दोनों पहले मोटरसाइकिल की मरम्मत कराने के लिए एक वर्कशॉप गए और फिर उत्तरा के एक व्यावसायिक परिसर में साथ खाना खाया। उसके अनुसार, रात करीब 11:30 बजे दोनों अलग हो गए थे।
परिवार का कहना है कि रात में तहसीफ की मां ने कई बार उन्हें फोन किया। इसके बाद 28 अक्टूबर की सुबह करीब 1:35 बजे उनके मोबाइल से मां को संदेश मिला कि वह घर लौट रहे हैं। लेकिन इसके बाद उनका परिवार से कोई संपर्क नहीं हुआ।
अगले दिन परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान 28 अक्टूबर की दोपहर तुराग नदी के राजाबाड़ी घाट के पास एक शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को मिली। नदी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला। जेब में मिले आईफोन और अन्य सामान की मदद से मृतक की पहचान तहसीफ सौरी के रूप में हुई।
शव पर क्या मिले निशान और पोस्टमॉर्टम में क्या हुआ?
शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर प्रारंभिक निरीक्षण किया। पुलिस की ओर से तैयार की गई शुरुआती रिपोर्ट में शरीर पर कोई स्पष्ट बाहरी चोट नहीं मिलने की बात कही गई। हालांकि, नाक से खून निकलने, पेट फूला होने और दोनों हाथों की मुट्ठियां बंद होने जैसी बातें दर्ज की गई थीं।
इसके बाद शव को ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर भेजा गया, जहां पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। फॉरेंसिक जांच के लिए डीएनए समेत कुछ नमूने भी एकत्र किए गए थे। अधिकारियों ने कहा था कि मौत की वास्तविक वजह और उससे जुड़े दूसरे पहलुओं की जानकारी विस्तृत रिपोर्ट से मिलेगी।
परिवार ने शव की स्थिति पर संदेह जताते हुए हत्या की आशंका जाहिर की। तहसीफ के पिता का कहना था कि उनका बेटा सामान्य रूप से घर से निकला था और आत्महत्या की आशंका उन्हें स्वीकार नहीं है। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या की पुष्टि नहीं हुई थी।
गायब मोटरसाइकिल मिलने से जांच में आया नया मोड़
तहसीफ के लापता होने के बाद परिवार को उनकी मोटरसाइकिल भी नहीं मिली थी। बाद में जांच एजेंसियों ने नदी के आसपास के इलाके में तलाश की। 30 अक्टूबर को टोंगी के मजार बस्ती क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल बरामद की गई, जो शव मिलने वाली जगह से कुछ ही दूरी पर थी।
मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। जांचकर्ताओं ने इसकी पहचान और तहसीफ से संबंध की पड़ताल शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में तहसीफ को एक युवक के साथ देखा गया था। परिवार ने उस युवक की पहचान दीप के रूप में की थी।
जांच में यह भी सामने आया कि तहसीफ और दीप रात में तुराग नदी के आसपास के ऐसे इलाके में पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों वाला संवेदनशील क्षेत्र बताया। जांचकर्ताओं के अनुसार, वहां पुलिस की एक टीम ने दोनों का पीछा किया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दीप एक दीवार के पीछे छिप गया, जबकि तहसीफ नदी में कूद गए। पुलिस इस घटनाक्रम और दीप के बयान की पुष्टि कर रही है।
यह अभी जांच का एक पहलू है। इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि तहसीफ की मौत हादसे में हुई या किसी ने उन्हें नुकसान पहुंचाया।
पिता ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा, परिचित युवक हिरासत में
मामले में 31 अक्टूबर को नया घटनाक्रम सामने आया। तहसीफ के पिता के.एम. इनायतुल करीम ने उत्तरा खान पुलिस के पास अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर हत्या का मामला पंजीकृत किया गया है।
जांच की जिम्मेदारी नदी पुलिस को सौंपी गई है। इससे पहले पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) ने तहसीफ के साथ आखिरी बार देखे गए परिचित युवक दीप को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बाद में उसे नदी पुलिस के हवाले कर दिया गया। अब हत्या का मामला दर्ज होने के बाद उससे पूछताछ जांच का अहम हिस्सा बन गई है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, दीप ने पुलिस को बताया कि तहसीफ के साथ वह रात में नदी के आसपास गया था। पुलिस पीछा करने और तहसीफ के नदी में कूदने से जुड़े उसके बयान की भी जांच कर रही है। फिलहाल किसी व्यक्ति की दोषी के तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार ने वीडियो विवाद को बताया मौत से जुड़ा अहम पहलू
तहसीफ की मौत के बाद उनकी रिश्तेदार मोशफेका जहान ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखकर हत्या का आरोप लगाया था। उनका दावा था कि तहसीफ ने शेख हसीना के देश छोड़ने वाला वीडियो खुद रिकॉर्ड नहीं किया था, बल्कि किसी सहकर्मी से मिले फुटेज को साझा किया था।
परिवार का आरोप है कि वीडियो विवाद के बाद तहसीफ को लगातार मानसिक दबाव और बदनामी का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, वायुसेना से अलग होने के बाद भी उन्हें लेकर कई तरह की बातें कही जाती रहीं।
हालांकि, परिवार के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी अभी साबित नहीं हुआ है कि वीडियो विवाद का उनकी मौत से कोई सीधा संबंध था। तहसीफ के पिता ने बताया था कि उन्हें अपने बेटे को किसी खास तरह की धमकी मिलने की जानकारी नहीं थी, हालांकि वह कभी-कभी बेचैनी की बात करते थे।
सरकार और जांच एजेंसियों का क्या कहना है?
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने शुरुआती जांच और पोस्टमॉर्टम से जुड़ी जानकारी आने से पहले मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया था। उनका कहना था कि पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
पुलिस और जांच एजेंसियां फिलहाल कई पहलुओं पर काम कर रही हैं। इनमें तहसीफ के घर से निकलने के बाद की गतिविधियां, सीसीटीवी फुटेज, दीप के बयान, बरामद मोटरसाइकिल और नदी के आसपास की परिस्थितियां शामिल हैं।
भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई प्रमाणित तथ्य सामने नहीं आया है जिससे इस मामले में किसी विदेशी एजेंसी की संलिप्तता साबित हो। तहसीफ खुद पहले ऐसे आरोपों को खारिज कर चुके थे।
तहसीफ सौरी की मौत से जुड़े तीन बड़े सवाल
इस मामले में अब तक कई जानकारियां सामने आई हैं, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल पाएंगे।
क्या तहसीफ की हत्या हुई या यह हादसा था?
परिवार हत्या की आशंका जता रहा है और इसी आधार पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। दूसरी ओर, जांच में नदी में गिरने या कूदने की संभावना की भी पड़ताल हो रही है। मौत की वास्तविक वजह स्थापित करने के लिए फॉरेंसिक निष्कर्ष और दूसरे साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
क्या शेख हसीना के वीडियो से मौत का कोई संबंध था?
तहसीफ का नाम वीडियो विवाद में सामने आया था और उन्होंने पहले इससे जुड़ी परेशानियों का जिक्र भी किया था। लेकिन अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं हुआ है जो इस विवाद को उनकी मौत से जोड़ता हो।
उस रात तहसीफ के साथ वास्तव में क्या हुआ था?
उनके साथ आखिरी बार देखे गए दीप का बयान, सीसीटीवी फुटेज और बरामद मोटरसाइकिल इस सवाल का जवाब तलाशने में अहम हो सकते हैं। जांच एजेंसियां इन सभी जानकारियों का मिलान कर रही हैं।
जांच के नतीजों पर टिकी सबकी नजर
के.एम. तहसीफ सौरी की मौत ने बांग्लादेश में पहले से जारी राजनीतिक विवादों के बीच एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। एक ओर परिवार इसे हत्या मानकर न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
31 अक्टूबर को हत्या का मामला दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ के आधार पर क्या जानकारी मिलती है। जब तक जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आते, तब तक तहसीफ की मौत को शेख हसीना के वीडियो विवाद या किसी खुफिया एजेंसी से जोड़कर निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

















