नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब पूरी तरह हिंसक हो गया है। युवाओं का यह आंदोलन सोमवार (8 सितंबर, 2025) को शुरू हुआ था, जो अगले दिन मंगलवार (9 सितंबर, 2025) को अपने चरम पर पहुंच गया। इस बीच सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को भेजी चिट्ठी में देश की असाधारण परिस्थितियों को स्वीकार किया और संवैधानिक राजनीतिक समाधान की वकालत की।
प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने एक बयान जारी किया और शांति की अपील की। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “मैं प्रदर्शनकारी नागरिकों सहित सभी से अनुरोध करता हूं कि देश की कठिन परिस्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में सहयोग करें। चूंकि प्रधानमंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, इसलिए देश जल्द ही इस संकट से बाहर आ जाएगा।”
राष्ट्रपति की अपील:
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें विश्वास है सभी राजनीतिक दल जनता और लोकतंत्र के प्रति समर्पण दिखाते हुए समाधान की दिशा में सहयोग करेंगे। राष्ट्रपति ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव को न बढ़ाने और बातचीत के जरिए आगे बढ़ने का आग्रह किया। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में नागरिकों की मांगों का समाधान सिर्फ संवाद और वार्ता के माध्यम से ही संभव है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भागीदारी जरूरी है।



















