थाईलैंड घूमने की योजना बना रहे भारतीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। थाईलैंड सरकार ने अपनी प्रवेश नीति में संशोधन करते हुए कई देशों के लिए लागू 60 दिनों की वीजा-फ्री सुविधा को समाप्त करने का फैसला किया है। इस बदलाव का असर भारतीय पर्यटकों पर भी पड़ने वाला है।
क्या बदला है नए नियमों में?
थाईलैंड प्रशासन ने इमिग्रेशन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सख्त बनाने के उद्देश्य से वीजा नियमों में संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत पहले मिलने वाली लंबी अवधि की वीजा-फ्री एंट्री अब उपलब्ध नहीं रहेगी।
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यह नियम आधिकारिक रूप से लागू किए जाएंगे और अधिसूचना जारी होने के कुछ दिनों बाद प्रभावी हो जाएंगे।
भारतीय पर्यटकों पर क्या होगा असर?
पहले भारतीय नागरिक बिना वीजा के लंबे समय तक थाईलैंड में ठहर सकते थे, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद भारतीय यात्रियों को आगमन पर वीजा (Visa on Arrival) प्रक्रिया का पालन करना होगा।
इसके तहत:
- थाईलैंड पहुंचने पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
- इमिग्रेशन काउंटर पर वीजा प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- ठहरने की अवधि सीमित रहेगी।
- लंबी छुट्टियों या विस्तारित प्रवास की योजना बनाने वालों को पहले से तैयारी करनी पड़ सकती है।
जो लोग पहले से थाईलैंड में हैं उनका क्या होगा?
यदि कोई यात्री नए नियम लागू होने से पहले थाईलैंड पहुंच चुका है या वहां पहले से मौजूद है, तो उसे उसके स्वीकृत प्रवास अवधि तक रहने की अनुमति मिलेगी। यानी पहले से मंजूर स्टे पीरियड पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
किन देशों को मिलेगी वीजा-फ्री सुविधा?
नए बदलावों के बाद भी कुछ देशों के नागरिकों को सीमित अवधि के लिए वीजा-फ्री प्रवेश की सुविधा मिलती रहेगी। इनमें एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अमेरिका के कई प्रमुख देश शामिल हैं।
यात्रा से पहले क्या करें?
यदि आप आने वाले महीनों में थाईलैंड जाने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा बुक करने से पहले:
- नवीनतम वीजा नियमों की जांच करें।
- पासपोर्ट की वैधता सुनिश्चित करें।
- आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
- ठहरने की अवधि के अनुसार वीजा विकल्पों की जानकारी लें।
यात्रा नियमों में बदलाव के कारण पहले की तुलना में योजना बनाकर यात्रा करना अधिक जरूरी हो गया है, खासकर उन यात्रियों के लिए जो लंबे समय तक थाईलैंड में रहने का विचार कर रहे हैं।



















