एशिया के कई देशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। शुक्रवार सुबह पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में धरती हिली, जबकि इससे पहले तिब्बत में आए 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी नुकसान पहुंचाया। इस आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 54 लोग घायल हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
तिब्बत में भूकंप से भारी नुकसान, 54 लोग घायल
तिब्बत में शक्तिशाली भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। चीन के अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमें तैनात की हैं। भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कुछ इलाकों में सड़क और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में सुबह-सुबह कांपी धरती
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, शुक्रवार सुबह पाकिस्तान में भारतीय समयानुसार 4:56 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके बाद सुबह 5:54 बजे अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता के झटके आए। वहीं, चीन में सुबह 6:05 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया।
इन तीनों देशों में आए भूकंपों के बाद लोगों के बीच हलचल देखने को मिली। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार इन झटकों से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
तिब्बत में 7 तीव्रता के भूकंप से ढह गए सैकड़ों मकान
तिब्बत में गुरुवार देर रात आए 7 तीव्रता के भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में कम से कम 339 मकान और पशुओं को रखने के 20 बाड़े ढह गए।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक रात 10:33 बजे आया था। इसका केंद्र नागचू से करीब 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित ऊंचाई वाले कम आबादी वाले क्षेत्र में था। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 18 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया।
चीन के सरकारी प्रसारक CCTV ने इस घटना को पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया। मुख्य झटके के बाद 4.3 से 5.2 तीव्रता के कम से कम सात अन्य झटके भी दर्ज किए गए। इनकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई।
1,600 से अधिक लोग राहत और बचाव अभियान में शामिल
नागचू शहर के मीडिया कार्यालय के अनुसार, प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। बचाव अभियान में 1,600 से अधिक लोगों को लगाया गया है। बेघर हुए लोगों की मदद के लिए 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड आवास इकाइयां और लगभग 3,000 तंबू भेजे गए हैं। इसके अलावा फोल्डिंग बेड, टॉर्च और ठंड से बचाव के लिए कपड़ों की भी व्यवस्था की गई है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, भूकंप के कारण कुछ क्षेत्रों में संचार सेवाएं बाधित हुई हैं। एहतियात के तौर पर स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित इलाके से गुजरने वाली ट्रेनों को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
चट्टानें गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग-317 बंद
भूकंप के बाद कई स्थानों पर चट्टानें खिसककर सड़कों पर आ गिरीं। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-317 के एक हिस्से पर यातायात रोकना पड़ा। सड़क से मलबा हटाने का काम जारी है। फिलहाल इस मार्ग पर आपातकालीन सेवाओं, बचाव दलों और राहत सामग्री लेकर जाने वाले आधिकारिक वाहनों को ही अनुमति दी गई है।
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रभावित क्षेत्र में रुक-रुककर बर्फबारी होने की संभावना है। खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में अतिरिक्त चुनौतियां आ सकती हैं।
शी जिनपिंग ने राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान तेज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और आपदा से प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा है।
नागचू शहर तिब्बत की राजधानी ल्हासा से 300 किलोमीटर से अधिक उत्तर में स्थित है। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में भूकंप के बाद राहत कार्यों के साथ मौसम की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।



















