आईपीएल 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम कर लिया। हालांकि मुकाबले के बाद चर्चा सिर्फ नतीजे की नहीं, बल्कि फाइनल से पहले गुजरात की तैयारियों को लेकर भी होने लगी है।
पूर्व भारतीय कप्तान Sunil Gavaskar ने टूर्नामेंट के कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि बोर्ड को फाइनल मुकाबले से पहले एक अतिरिक्त दिन देने पर विचार करना चाहिए था, ताकि दोनों टीमों को बराबर तैयारी का मौका मिल सके।
तैयारी के लिए नहीं मिला पर्याप्त समय
गुजरात टाइटंस ने क्वालीफायर-2 जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी। इसके बाद टीम को अहमदाबाद पहुंचना था, लेकिन खराब मौसम और उड़ानों में देरी के कारण खिलाड़ियों को यात्रा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम निर्धारित समय से काफी देर बाद अहमदाबाद पहुंची, जिससे फाइनल से पहले अभ्यास और रिकवरी के लिए सीमित समय ही मिल सका। ऐसे में खिलाड़ियों को बड़े मुकाबले की तैयारी के लिए अपेक्षाकृत कम अवसर मिला।
गावस्कर ने उठाया रिजर्व डे का मुद्दा
सुनील गावस्कर का मानना है कि फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले एक अतिरिक्त दिन रखा जा सकता था। उनका कहना था कि इससे दोनों टीमों को समान परिस्थितियों में तैयारी का मौका मिलता और यात्रा संबंधी बाधाओं का असर प्रदर्शन पर नहीं पड़ता।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि टूर्नामेंट के अंतिम चरण में खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए शेड्यूल बनाते समय इन पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
फैंस को याद आया 2023 का फाइनल
फाइनल के बाद कई क्रिकेट प्रशंसकों ने 2023 के आईपीएल फाइनल को भी याद किया, जब खराब मौसम के कारण मुकाबला निर्धारित दिन पर नहीं हो सका था और रिजर्व डे पर खेला गया था।
उस मैच में Chennai Super Kings ने Gujarat Titans को हराकर खिताब जीता था। रिजर्व डे के सफल उपयोग का उदाहरण सामने होने के कारण इस बार भी कुछ लोगों ने अतिरिक्त दिन की मांग को उचित बताया।
क्या बदलेगा भविष्य का शेड्यूल?
फिलहाल बोर्ड की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन फाइनल मुकाबले के बाद शेड्यूलिंग और टीमों को मिलने वाले तैयारी समय को लेकर बहस तेज हो गई है।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बड़े मुकाबलों से पहले टीमों को पर्याप्त आराम और तैयारी का समय देने के लिए टूर्नामेंट कार्यक्रम में बदलाव पर विचार किया जा सकता है।




















