ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अपनी सुरक्षा और रक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि तेहरान क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर रख रहा है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ईरानी अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित थी।
बघाई ने अपने बयान में कहा कि ईरान युद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है और देश की रक्षा करना उसका अधिकार है। उन्होंने सशस्त्र बलों पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसी तरह का संदेह नहीं है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच अपनी सुरक्षा नीति पर कायम रहना चाहता है।
चार देशों की बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, प्रस्तावित बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है। इनमें फिलिस्तीन, इजरायल और लेबनान के हालात प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बघाई ने क्षेत्र में जारी तनाव और सैन्य गतिविधियों के लिए अमेरिका की नीतियों की आलोचना की। ईरान लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि अमेरिकी नीतियां पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं।
सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और ईरान के अधिकारियों के बीच होने वाली बातचीत को क्षेत्रीय परिस्थितियों पर विचार-विमर्श के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, बैठक से क्या परिणाम निकलेंगे, यह संबंधित पक्षों की बातचीत और सहमति पर निर्भर करेगा।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी पर भी साधा निशाना
इस्माइल बघाई ने यूरोपीय देशों की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने और अमेरिका की नीतियों के अनुरूप प्रतिबंध लागू करने का आरोप लगाया।
ईरान लंबे समय से पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और अपनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आपत्ति जताता रहा है। तेहरान का कहना है कि इस तरह के कदम उसके हितों को प्रभावित करते हैं।
यूरोपीय देशों के रुख में संभावित बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर बघाई ने कहा कि फिलहाल इस बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने इस संभावना का भी उल्लेख किया कि कुछ राजनीतिक संकेतों को वास्तविक नीतिगत बदलाव समझना जल्दबाजी होगी।
इजरायल के चुनावों पर बघाई की तीखी टिप्पणी
अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बघाई ने इजरायल की घरेलू राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने वहां होने वाले चुनावों और राजनीतिक नेताओं के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप पर तंज कसा।
बघाई ने इजरायल के राजनीतिक माहौल की तुलना फिल्म स्ट्रेंजलव से करते हुए अलग-अलग राजनीतिक समूहों के बीच एक-दूसरे की आलोचना करने की प्रवृत्ति पर निशाना साधा। उनकी टिप्पणी में इजरायल के राजनीतिक नेतृत्व और सुरक्षा संबंधी फैसलों को लेकर तीखा व्यंग्य शामिल था।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब इजरायल की घरेलू राजनीति में सुरक्षा, क्षेत्रीय संघर्ष और सरकार की नीतियों को लेकर बहस जारी है। हालांकि, बघाई की टिप्पणी ईरान सरकार का राजनीतिक दृष्टिकोण है, न कि इजरायल की चुनावी स्थिति का स्वतंत्र आकलन।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान का रुख
ईरान के ताजा बयान से स्पष्ट है कि तेहरान अपनी रक्षा नीति पर जोर दे रहा है और क्षेत्रीय मुद्दों पर अमेरिका तथा उसके सहयोगियों की भूमिका की आलोचना कर रहा है। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय देशों के बीच बातचीत की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
आने वाले समय में चार देशों के अधिकारियों की बैठक और संबंधित पक्षों के फैसलों पर नजर रहेगी। बातचीत से क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में कोई रास्ता निकलता है या नहीं, यह आगे होने वाले घटनाक्रमों से स्पष्ट होगा।



















