रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में हवाई ठिकानों को निशाना बनाए जाने का एक नया मामला सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी सेना ने रूस के वोरोनिश क्षेत्र में स्थित बोरिसोग्लेब्स्क एयरबेस पर रात के समय हमला किया। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई में रूस के चार Su-34 फाइटर-बॉम्बर विमान नष्ट हो गए, जबकि दो अन्य विमानों को नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेन की ओर से इस अभियान में छह विमानों के प्रभावित होने की बात कही गई है। हालांकि, रूस की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
नेपच्यून मिसाइल से हमले का दावा
जेलेंस्की के अनुसार, इस कार्रवाई में यूक्रेन की लंबी दूरी तक मार करने वाली नेपच्यून मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि निशाना बनाए गए विमानों पर हवाई बम लदे हुए थे और उनका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ हमलों में किया जा सकता था।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इस अभियान में शामिल नौसैनिक बलों की सराहना भी की। उनके मुताबिक, रूस के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए यूक्रेन लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल जारी रखेगा।
Su-34 विमान रूस के लिए क्यों अहम हैं?
Su-34 रूस का एक लड़ाकू-बमवर्षक विमान है, जिसका इस्तेमाल हवाई हमलों के लिए किया जाता है। रूसी सेना इन विमानों के जरिए यूक्रेन की अग्रिम मोर्चे के नजदीक स्थित जगहों पर ग्लाइड बम गिराती रही है।
ऐसे विमानों को नुकसान पहुंचने से सैन्य अभियानों और हवाई हमलों की क्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने विमान पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने की मरम्मत संभव है।
यूक्रेन के जनरल स्टाफ के मुताबिक, रातभर चले अभियान में छह Su-34 विमानों को अलग-अलग स्तर पर नुकसान पहुंचा। यूक्रेन के दावे के अनुसार, इनमें से चार विमान नष्ट हुए हैं। इस नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
ड्रोन ठिकाने को भी निशाना बनाने का दावा
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेनी सेना ने रूस के ओरियोल क्षेत्र में एक ऐसे ठिकाने पर हमला किया, जहां हमलावर ड्रोन रखे जाते थे और उन्हें लॉन्च किया जाता था।
इसके अलावा, काला सागर क्षेत्र में एक अन्य लक्ष्य को निशाना बनाए जाने की जानकारी भी दी गई। हालांकि, इन दोनों कार्रवाइयों में हुए नुकसान और प्रभावित सैन्य संसाधनों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
लंबी दूरी के हमले जारी रखने की बात
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश रूस के भीतर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए लंबी दूरी के अभियान जारी रखेगा। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि मॉस्को युद्ध को लंबा खींच रहा है और इसी वजह से यूक्रेन अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
रूस-यूक्रेन युद्ध में सैन्य ठिकानों, लड़ाकू विमानों और ड्रोन से जुड़े लक्ष्यों पर हमले दोनों पक्षों की रणनीति का हिस्सा बने हुए हैं। बोरिसोग्लेब्स्क एयरबेस पर हमले को लेकर यूक्रेन ने बड़े नुकसान का दावा किया है, लेकिन इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए स्वतंत्र पुष्टि और रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

















