नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के सुमी शहर में भारतीय मूल के कुसुम ग्रुप से जुड़े एक फार्मा प्लांट को ड्रोन हमले में भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
हमले के बाद प्लांट की मुख्य इमारत को काफी नुकसान पहुंचा और उसका एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में इमारत के आसपास धुआं उठता दिखाई दिया। स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान के साथ नुकसान और हताहतों का आकलन किया जा रहा है।
शुरुआती अनुमान में इस हमले से प्लांट को करीब 400 करोड़ रुपये तक का नुकसान होने की बात कही जा रही है। हालांकि अंतिम नुकसान का आंकड़ा जांच और मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
यूक्रेन में लंबे समय से मौजूद है कुसुम ग्रुप
कुसुम ग्रुप ने यूक्रेन में अपने कारोबार की शुरुआत वर्ष 1994 में की थी। शुरुआत में कंपनी भारत से दवाएं यूक्रेन भेजकर उनके वितरण का काम करती थी।
इसके बाद कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार किया और वर्ष 2002 में दूसरी कंपनियों के उत्पादों के वितरण से हटकर अपने ब्रांड की दवाओं की मार्केटिंग शुरू की। धीरे-धीरे समूह ने दवा निर्माण के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया।
कंपनी का भारत में पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट 2007 में शुरू हुआ, जबकि यूक्रेन के सुमी में फार्मा उत्पादन संयंत्र की स्थापना 2009 में की गई। बाद में भारत में दो और विनिर्माण इकाइयां शुरू की गईं।
50 से ज्यादा दवाओं का निर्माण
कुसुम ग्रुप के कारोबार में कई तरह की दवाएं शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, वह 50 से अधिक दवाओं का उत्पादन करती है, जिनमें बड़ी संख्या जेनेरिक मेडिसिन की है।
समूह के उत्पाद यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान और फिलीपींस समेत नौ से अधिक देशों के बाजारों में उपलब्ध हैं। कंपनी खुद को भारतीय मूल वाली यूक्रेनी फार्मास्युटिकल कंपनी के रूप में पेश करती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी सुमी स्थित संयंत्र में उत्पादन गतिविधियां जारी रहने की जानकारी सामने आती रही है। ऐसे में ताजा ड्रोन हमले के बाद कंपनी के सामने उत्पादन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
रूसी ड्रोन हमलों में बढ़ोतरी
रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष के दौरान ड्रोन हमले लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हाल के महीनों में रूस की ओर से बड़ी संख्या में शहीद श्रेणी के ड्रोन इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इन ड्रोन को अपेक्षाकृत कम लागत में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों के तौर पर देखा जाता है। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली के सामने बड़ी संख्या में आने वाले ड्रोन को रोकना एक चुनौती बना हुआ है।
यूक्रेन ने घरेलू बैलिस्टिक मिसाइल के इस्तेमाल का किया दावा
इसी बीच यूक्रेन ने अपनी घरेलू स्तर पर विकसित एफपी-7 बैलिस्टिक मिसाइल को पहली बार युद्ध में इस्तेमाल करने का दावा किया है।
यूक्रेन के अनुसार, इस मिसाइल की अनुमानित मारक क्षमता करीब 250 किलोमीटर है। घरेलू हथियार निर्माण क्षमता बढ़ाने की यूक्रेन की कोशिशों के बीच इस दावे को महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
फार्मा प्लांट पर हुए ताजा हमले के बाद अब जांच एजेंसियां नुकसान का आकलन करने के साथ यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले में इस्तेमाल ड्रोन और उसके प्रभाव से प्लांट की संरचना को कितना नुकसान हुआ है।



















