पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई 27 सितंबर को प्रस्तावित PTI के विरोध मार्च से कुछ दिन पहले हुई है। लाहौर प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अलीमा खान को मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (MPO) कानून के तहत 30 दिनों तक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है।
लाहौर से हिरासत में लिया गया
रिपोर्टों के मुताबिक, अलीमा खान को रविवार को लाहौर में उनके घर से निकलने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके साथ उनके ड्राइवर को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। बाद में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अलीमा को कोट लखपत जेल ले जाया गया।
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर की ओर से जारी आदेश में अलीमा खान और उनके ड्राइवर के खिलाफ 30 दिन की हिरासत का प्रावधान किया गया है। प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।
प्रशासन ने क्या वजह बताई?
आधिकारिक आदेश में पुलिस और खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया है कि अलीमा खान और उनके ड्राइवर से जुड़े कुछ मामलों को कानून-व्यवस्था के लिए संभावित जोखिम माना गया। आदेश में मई 2023 के विरोध प्रदर्शनों और सड़क अवरोध से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित रिपोर्टों में भविष्य में सार्वजनिक गतिविधियों के जरिए कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद जिला खुफिया समिति की बैठक में हिरासत की सिफारिश की गई।
27 सितंबर के मार्च से पहले कार्रवाई
अलीमा खान की हिरासत ऐसे समय में हुई है जब PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर मार्च और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए इमरान खान की रिहाई समेत अपनी राजनीतिक मांगों को उठाने की तैयारी कर रही है।
इससे पहले भी प्रदर्शन की तैयारियों के बीच PTI से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई थीं। प्रशासन की ओर से संभावित विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की जानकारी भी दी गई है।
PTI ने गिरफ्तारी का विरोध किया
अलीमा खान की हिरासत पर PTI नेताओं ने आपत्ति जताई है। पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने कहा कि पार्टी का प्रस्तावित मार्च शांतिपूर्ण और राजनीतिक रहेगा। उन्होंने अलीमा की हिरासत को तनाव बढ़ाने वाला कदम बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की।
अलीमा के परिवार की ओर से भी उनकी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उनकी बहन नोरीन नियाजी ने आरोप लगाया कि अलीमा को घर से निकलने के बाद उनके ड्राइवर के साथ हिरासत में लिया गया और परिवार को उनकी स्थिति की जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि, प्रशासन की ओर से जारी आदेश में हिरासत के लिए सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी वजहें दर्ज हैं।
इमरान खान की रिहाई की मांग
PTI के प्रस्तावित 27 सितंबर के मार्च का प्रमुख मुद्दा इमरान खान की रिहाई है। पार्टी समर्थक लंबे समय से उनकी गिरफ्तारी का विरोध करते रहे हैं। अलीमा खान भी अपने भाई की जेल में स्थिति और उनके साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर सार्वजनिक रूप से बयान देती रही हैं।
अलीमा की हिरासत के बाद PTI और विपक्षी गठबंधन से जुड़े नेताओं ने सरकार से उन्हें रिहा करने की मांग की है। दूसरी ओर, प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बताया है।



















