अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को फांसी दे दी है। ईरानी न्यायपालिका के अनुसार, यह कार्रवाई देश के कानून के तहत न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई।
सरकारी मीडिया के मुताबिक, मोहम्मद अमीनी देहघानी को जनवरी 2026 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक गतिविधियों में शामिल होने का दोषी पाया गया था। उस पर सरकारी कार्यालय के बाहर मोलोटोव कॉकटेल फेंकने, आगजनी करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे।
ईरानी अदालत ने उसे “मोहरेबेह” (ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और “धरती पर भ्रष्टाचार फैलाने” जैसे गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया। न्यायपालिका का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से सजा की पुष्टि होने के बाद बुधवार को उसे फांसी दे दी गई।
ईरान में 2025 के अंत में महंगाई और आर्थिक समस्याओं को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन बाद में राजनीतिक स्वरूप भी लेने लगे थे। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह हिंसक झड़पें हुईं।
वहीं, इन घटनाओं को लेकर मृतकों की संख्या पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ईरानी अधिकारियों ने हिंसा के लिए बाहरी शक्तियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।



















