• Home
  • Blog
  • Privacy Policy
  • About Us
Thursday, October 1, 2026
Janveena Hindi News Portal
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
No Result
View All Result
Jan Veena
No Result
View All Result

नागासाकी नहीं, जापान के इस शहर पर गिराने वाला था एटम बम; जानिए कैसे बदला गया निशाना।

JANVEENA by JANVEENA
May 24, 2025
in विदेश
0
नागासाकी नहीं, जापान के इस शहर पर गिराने वाला था एटम बम; जानिए कैसे बदला गया निशाना।

READ ALSO

फ्लाईदुबई विमान में पायलट पर चाकू से हमला, यात्रियों ने संभाला मोर्चा; नेतन्याहू ने बताया गंभीर सुरक्षा घटना

Flydubai Flight FZ1073: घायल होने के बाद भी कॉकपिट नहीं छोड़ा, भारतीय कैप्टन ने ऐसे संभाला विमान

द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में, 6 और 9 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के दो शहरों, ‘हिरोशिमा और नागासाकी’ पर परमाणु बम गिराकर इतिहास की सबसे भीषण तबाही मचाई थी। हिरोशिमा पर “लिटिल बॉय” और नागासाकी पर “फैट मैन” नामक बम गिराए गए, जिसमें लाखों लोग मारे गए और दोनों शहर राख में तब्दील हो गए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सबसे पहले नागासाकी अमेरिका का निशाना नहीं था? दूसरा परमाणु बम असल में जापान के एक अन्य शहर पर गिराया जाना था लेकिन आखिरी वक्त में अमेरिका का निशाना बदल गया और उस शहर की जगह नागासाकी को तबाह कर दिया गया।

ये शहर था अमेरिका का पहला निशाना

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, अमेरिका ने जापान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने के इरादे से परमाणु बमों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। हिरोशिमा पर पहला बम गिराने के बाद, दूसरा निशाना तय किया गया और वह टारगेट था जापान का कोकुरा शहर। कोकुरा उस समय जापान का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर था, जहां बड़े पैमाने पर गोला-बारूद और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां थीं। अमेरिका की रणनीति थी कि कोकुरा पर हमला करके जापान की सैन्य शक्ति को और कमजोर किया जाए। इसके लिए 9 अगस्त 1945 को बी-29 बॉम्बर विमान “बॉक्स कार” को “फैट मैन” बम के साथ कोकुरा की ओर रवाना किया गया।

कैसे बदला निशाना

9 अगस्त की सुबह, जब बी-29 विमान कोकुरा के ऊपर पहुंचा, तो वहां का मौसम खराब था। आसमान में घने बादल और धुआं छाया हुआ था, जिसके कारण पायलट मेजर चार्ल्स स्वीनी को टारगेट साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रहा था। अमेरिकी सेना के नियमों के अनुसार, परमाणु बम को केवल विजन के आधार पर ही गिराया जाना था, ताकि सटीक निशाना लगाया जा सके। कई चक्कर लगाने के बाद भी जब कोकुरा पर हमला संभव नहीं हुआ, तो विमान में ईंधन की कमी होने लगी। ऐसे में, स्वीनी को दूसरा विकल्प चुनना पड़ा और वह विकल्प था नागासाकी।

बम गिरने से 74,000 लोग मारे गए

नागासाकी उस समय अमेरिका की सूची में वैकल्पिक निशाना था। यह एक बंदरगाह शहर था और औद्योगिक रूप से भी महत्वपूर्ण था, लेकिन कोकुरा की तुलना में कम प्राथमिकता वाला लक्ष्य था। मौसम की वजह से कोकुरा को निशाना बनाना संभव नहीं हुआ, और आखिरकार सुबह 11:02 बजे “फैट मैन” बम नागासाकी पर गिरा दिया गया। इस हमले में लगभग 74,000 लोग मारे गए, और शहर का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।

क्योटो भी था निशाने पर, लेकिन बच गया

यह जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका ने शुरुआत में जापान के क्योटो शहर को भी निशाने की सूची में शामिल किया था। क्योटो उस समय जापान की सांस्कृतिक राजधानी थी, जहां कई विश्वविद्यालय, उद्योग, और ऐतिहासिक धरोहरें थीं। लेकिन अमेरिकी युद्ध मंत्री हेनरी स्टिम्सन ने क्योटो को सूची से हटवा दिया। कारण था उनका निजी लगाव। स्टिम्सन ने अपनी पत्नी के साथ क्योटो में हनीमून मनाया था और इस शहर से उनकी कई यादें जुड़ी थीं। उनकी जिद के कारण क्योटो की जगह नागासाकी को सूची में शामिल किया गया। इस तरह, एक हनीमून की याद ने क्योटो को तबाही से बचा लिया, लेकिन नागासाकी को इसकी कीमत चुकानी पड़ी।

हमले की भयावहता

नागासाकी पर गिराया गया “फैट मैन” बम हिरोशिमा के “लिटिल बॉय” से भी ज्यादा शक्तिशाली था। यह बम जमीन से करीब 500 मीटर ऊपर फटा, जिसके कारण आग का एक विशाल मशरूमनुमा गोला आसमान में उठा। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि शहर का 70% औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह नष्ट हो गया। हालांकि, नागासाकी के आसपास पहाड़ों ने तबाही के दायरे को कुछ हद तक सीमित कर दिया, जिसके कारण हिरोशिमा की तुलना में नुकसान कम हुआ। फिर भी, इस हमले ने हजारों लोगों की जिंदगी छीन ली और आने वाली पीढ़ियों पर रेडियेशन का गहरा असर छोड़ा।

 

क्या कहते हैं इतिहासकार?

कई इतिहासकारों का मानना है कि जापान उस समय पहले ही हार के कगार पर था, और परमाणु बमों का इस्तेमाल शायद जरूरी नहीं था। कुछ का तर्क है कि अमेरिका ने इन हमलों के जरिए अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया और सोवियत संघ को एक संदेश देना चाहता था। वहीं, कुछ का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमन जापान को जल्द से जल्द आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करना चाहते थे, ताकि युद्ध को खत्म किया जा सके। इन हमलों के बाद, 15 अगस्त 1945 को जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया, और द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हो गया।

 

Previous Post

पाकिस्तान में आतंकियों को घेर कर सरेंडर करने का किया गया आग्रह, न मानने पर तीन आतंकवादी ढेर।

Next Post

अब मंडरा रहा है सूखे का खतरा, सिंधु जल संधि निलंबन को पाकिस्तानी नेता ने कहा ‘पानी का बम’।

Related Posts

फ्लाईदुबई विमान में पायलट पर चाकू से हमला, यात्रियों ने संभाला मोर्चा; नेतन्याहू ने बताया गंभीर सुरक्षा घटना
विदेश

फ्लाईदुबई विमान में पायलट पर चाकू से हमला, यात्रियों ने संभाला मोर्चा; नेतन्याहू ने बताया गंभीर सुरक्षा घटना

October 1, 2026
Flydubai Flight FZ1073: घायल होने के बाद भी कॉकपिट नहीं छोड़ा, भारतीय कैप्टन ने ऐसे संभाला विमान
विदेश

Flydubai Flight FZ1073: घायल होने के बाद भी कॉकपिट नहीं छोड़ा, भारतीय कैप्टन ने ऐसे संभाला विमान

October 1, 2026
‘क्या चीन अमेरिकी हथियार खरीदेगा?’ ट्रंप-जिनपिंग बातचीत पर US राजदूत के दावे से मचा बवाल
विदेश

‘क्या चीन अमेरिकी हथियार खरीदेगा?’ ट्रंप-जिनपिंग बातचीत पर US राजदूत के दावे से मचा बवाल

September 29, 2026
ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात के बाद US-चीन की नई ट्रेड डील, भारत के लिए क्या बदलेगा?
विदेश

ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात के बाद US-चीन की नई ट्रेड डील, भारत के लिए क्या बदलेगा?

September 29, 2026
ईरान का दावा- होर्मुज में अमेरिकी अंडरवाटर ड्रोन पकड़ा, अमेरिका ने किया खारिज
विदेश

ईरान का दावा- होर्मुज में अमेरिकी अंडरवाटर ड्रोन पकड़ा, अमेरिका ने किया खारिज

September 28, 2026
अफगान महिला पत्रकार के सवाल पर ख्वाजा आसिफ का इशारा, वीडियो वायरल होने के बाद घिरे
विदेश

अफगान महिला पत्रकार के सवाल पर ख्वाजा आसिफ का इशारा, वीडियो वायरल होने के बाद घिरे

September 28, 2026
Next Post
अब मंडरा रहा है सूखे का खतरा, सिंधु जल संधि निलंबन को पाकिस्तानी नेता ने कहा ‘पानी का बम’।

अब मंडरा रहा है सूखे का खतरा, सिंधु जल संधि निलंबन को पाकिस्तानी नेता ने कहा 'पानी का बम'।

Travel Tips: अगर आप गुजरात घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इन जगहों की सैर जरूर करें, ट्रिप बन जाएगी यादगार।

Travel Tips: अगर आप गुजरात घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इन जगहों की सैर जरूर करें, ट्रिप बन जाएगी यादगार।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Advertisement

Advertisement

POPULAR NEWS

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

August 1, 2024
निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

October 13, 2024
राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

January 13, 2025
डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

September 27, 2024
बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

May 9, 2026

Advertisement

E-Paper

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 21 अप्रैल, 2023

April 21, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 सितम्बर 2023

September 28, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 21 नवम्बर, 2023

November 21, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक), 28 मई, 2024

May 28, 2024

About Us

जन वीणा एक विश्वसनीय समाचार वेबसाइट है जो नवीनतम खबरों, घटनाओं और विश्लेषण को निष्पक्षता के साथ पेश करती है। हमारी अनुभवी टीम आपको राजनीति, व्यवसाय, खेल, मनोरंजन, विज्ञान, और अन्य विषयों पर सटीक खबरें प्रदान करती है।
Contact No.-9335654453 

E-Mail Id-janveenanews@gmail.com

Categories

  • Auto
  • ई-पेपर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि एवं ग्रामीण विकास
  • खेल
  • जनवीणा प्रकाशन
  • देश
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • पर्यटन
  • प्रमुख समाचार
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • विचार वातायन
  • विदेश
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य

Follow us

No Result
View All Result
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन

©Copyright 2024, All Rights Reserved For JanVeena by RA.Tech (7985291626)