चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर दिया। 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक में शी ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों AI के क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षमता रखते हैं और इसलिए इस तकनीक के विकास और प्रबंधन को लेकर दोनों देशों की जिम्मेदारी भी बड़ी है।
शी जिनपिंग ने कहा कि AI का विकास मानव नियंत्रण से बाहर नहीं जाना चाहिए और इसका इस्तेमाल लोगों के कल्याण तथा मानव प्रगति के लिए होना चाहिए। चीन के राष्ट्रपति के मुताबिक, दोनों देश AI से जुड़े जोखिमों और संभावित फायदों पर लगातार बातचीत कर सकते हैं और इसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
AI पर सहयोग के साथ प्रतिस्पर्धा भी
शी जिनपिंग ने अमेरिका और चीन के बीच AI क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को स्वीकार करते हुए सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास इस तकनीक में मजबूत क्षमताएं हैं और दोनों पक्ष एक-दूसरे की ताकत का इस्तेमाल करते हुए सहयोग बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने AI के दुरुपयोग और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच संवाद जारी रखने की बात कही। उनके अनुसार, AI को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ विकसित किया जाना चाहिए, ताकि यह मानवता की प्रगति में योगदान दे सके।
अमेरिका-चीन संबंधों में प्रतिस्पर्धा सीमित रखने की अपील
व्हाइट हाउस में अपने संबोधन के दौरान शी ने दोनों देशों के बीच मतभेदों के बावजूद संबंधों को स्थिर रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन को शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए और दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए।
शी ने अमेरिका-चीन संबंधों में सहयोग को प्रमुख स्थान देने, प्रतिस्पर्धा को उचित सीमाओं में रखने और मतभेदों को नियंत्रित तरीके से संभालने की बात कही।
नशीले पदार्थों के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की बात
शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों से निपटने के लिए सहयोग मजबूत करने की इच्छा भी जताई। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही और व्यापार को आसान बनाने के लिए सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ाने की संभावना का भी उल्लेख किया।
ट्रंप ने भी AI को बताया भविष्य का अहम क्षेत्र
बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भी AI को मानवता के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ट्रंप ने अमेरिका और चीन के बीच AI को लेकर बातचीत और सहयोग बढ़ाने की बात कही।
दोनों नेताओं ने AI के अलावा व्यापार तथा कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। इनमें मध्य पूर्व की स्थिति, यूक्रेन संकट और कोरियाई प्रायद्वीप से जुड़े विषय शामिल थे।
शी की अमेरिका यात्रा का मकसद क्या बताया गया?
व्हाइट हाउस में स्वागत समारोह के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति के निमंत्रण पर अमेरिका आए हैं ताकि दोनों देशों के बीच दोस्ती को आगे बढ़ाया जा सके, सहयोग का दायरा बढ़े और दोनों देशों के लोगों के हितों को बढ़ावा मिले।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक बदलावों के दौर में चीन और अमेरिका जैसे बड़े देशों पर मानव विकास और प्रगति को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। शी ने दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि उनके हित आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं।
इस बैठक में AI को लेकर शी जिनपिंग का संदेश स्पष्ट रूप से मानव नियंत्रण, जिम्मेदार विकास और लोगों के हित में तकनीक के इस्तेमाल पर केंद्रित रहा। साथ ही दोनों देशों ने AI के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के बीच संवाद और सहयोग जारी रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।



















