पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर चर्चा में है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने 24 घंटे के भीतर तीन अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। ईरानी पक्ष के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में उसकी नई एयर डिफेंस प्रणाली का इस्तेमाल किया गया।
ईरान के दावे के अनुसार, ड्रोन रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास उड़ान भर रहे थे। IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने इन्हें ईरान के एकीकृत एयर डिफेंस नेटवर्क के जरिए ट्रैक किया और बाद में निशाना बनाया। इस घटनाक्रम से पहले भी ईरान की ओर से इसी इलाके में एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को गिराए जाने का दावा किया जा चुका है।
नई एयर डिफेंस प्रणाली के इस्तेमाल का दावा
IRGC के मुताबिक, अमेरिकी ड्रोन को पहले रडार और एयर डिफेंस नेटवर्क के जरिए पहचाना गया। इसके बाद उसे ट्रैक करते हुए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली से निशाना बनाया गया।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह ड्रोन लंबी दूरी तक उड़ान भरने और कई तरह के सैन्य अभियानों में इस्तेमाल होने में सक्षम था। IRGC के अनुसार, ड्रोन को किसी संभावित कार्रवाई से पहले ही इंटरसेप्ट कर लिया गया।
24 घंटे में तीन ड्रोन गिराने का दावा
ईरान की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि हालिया 24 घंटे की अवधि में तीन MQ-1 ड्रोन को नष्ट किया गया है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भी IRGC के इस दावे को दर्ज किया गया है, हालांकि घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ी हुई हैं। इसी इलाके में समुद्री आवाजाही और सैन्य ड्रोन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई टकराव सामने आ चुके हैं।
पहले भी MQ-1 ड्रोन गिराने का दावा
ईरान ने इससे पहले 8 सितंबर को भी होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था। उस समय ईरानी अधिकारियों ने कहा था कि ड्रोन को देश के एकीकृत एयर डिफेंस नेटवर्क ने ट्रैक किया और बाद में नष्ट किया गया। उस दावे की भी तत्काल स्वतंत्र अमेरिकी पुष्टि सामने नहीं आई थी।
इसके बाद 14 सितंबर को IRGC ने एक और MQ-1 ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया था। ईरानी पक्ष ने तब भी अपनी नई एयर डिफेंस प्रणाली के इस्तेमाल की बात कही थी।
होर्मुज में क्यों बढ़ रही है चिंता?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा और समुद्री मार्गों में से एक है। हाल के सैन्य टकरावों के कारण यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, 15 सितंबर को इस जलमार्ग से केवल चार कमोडिटी जहाज गुजरे, जबकि युद्ध से पहले औसत दैनिक ट्रांजिट इससे काफी अधिक था।
ऐसे माहौल में ड्रोन और समुद्री गतिविधियों से जुड़े नए घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।




















