रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शांति वार्ता और अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बातचीत के बीच पुतिन ने कहा कि उन्हें दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर किसी तरह की परेशानी या जलन नहीं है।
पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर कहा कि शांति के लिए दिए गए सभी प्रस्ताव विचार के लिए मौजूद हैं, लेकिन रूस को यह भी देखना होगा कि किसी प्रस्ताव से उसके राष्ट्रीय हित किस तरह प्रभावित होते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए अमेरिका की ओर से हाल के दिनों में कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं।
‘शी और ट्रंप के रिश्तों से कोई जलन नहीं’
पुतिन के बयान के मुताबिक, उन्हें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बेहतर होते संबंधों से कोई समस्या नहीं है। उन्होंने इस बात को लेकर भी संकेत दिया कि रूस अपने हितों को ध्यान में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर रख रहा है।
यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन ने पश्चिमी देशों पर रूस के विकास और सुरक्षा हितों को प्रभावित करने के लिए यूक्रेन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। यह रूस की ओर से किया गया राजनीतिक दावा है, जबकि यूक्रेन और उसके समर्थक देश युद्ध के लिए रूस की जिम्मेदारी पर जोर देते रहे हैं।
रूस ने यूरोप से युद्ध की तैयारी से किया इनकार
पुतिन ने कहा कि रूस यूरोपीय देशों के साथ युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है और इसके लिए फिलहाल कोई आधार नहीं है। इससे पहले भी वह यूरोप के खिलाफ रूस की किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की बातों को खारिज कर चुके हैं।
वहीं रूस लगातार यूक्रेन पर होने वाले हमलों और उनके जवाब में की जाने वाली रूसी सैन्य कार्रवाई को अपने सुरक्षा हितों के संदर्भ में पेश करता रहा है। दूसरी तरफ यूक्रेन रूस पर लगातार हमले करने और नागरिक एवं ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाता है।
चुनाव के बाद बातचीत को लेकर पुतिन का दावा
पुतिन ने दावा किया कि रूस चुनाव के बाद यूक्रेन के साथ बातचीत फिर शुरू करने के लिए तैयार था, लेकिन उनके अनुसार बाद में यूक्रेन की ओर से रूस के खिलाफ कार्रवाई की गई और मतदान केंद्रों को निशाना बनाया गया।
रूस ने सितंबर में हुए संसदीय चुनाव के दौरान यूक्रेन पर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के प्रयासों का आरोप लगाया था। रूसी अधिकारियों ने साइबर हमलों और अन्य घटनाओं की भी जानकारी दी थी। हालांकि, इन दावों के संबंध में दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग रहे हैं।
बुदानोव ने बातचीत में अमेरिका की भूमिका पर दिया जोर
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख किरिलो बुदानोव भी रूस के साथ संभावित अगली बातचीत को लेकर बयान दे चुके हैं। उन्होंने सितंबर में कहा था कि यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता अक्टूबर में हो सकती है।
बुदानोव ने बातचीत की प्रक्रिया में अमेरिका की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। यूक्रेनी पक्ष लगातार यह संकेत देता रहा है कि रूस-यूक्रेन वार्ता को आगे बढ़ाने में अमेरिकी मध्यस्थता उपयोगी हो सकती है।
क्या युद्ध खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है बातचीत?
हाल के हफ्तों में अमेरिका की ओर से रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के प्रयास हुए हैं। सितंबर की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिनिधियों ने मॉस्को और कीव का दौरा भी किया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच संभावित त्रिपक्षीय वार्ता की चर्चा फिर तेज हुई है।
हालांकि, अभी तक सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई अंतिम समझौता सामने नहीं आया है, जिससे यह कहा जा सके कि युद्ध समाप्त करने पर सहमति बन गई है। रूस और यूक्रेन के बीच क्षेत्र, सुरक्षा और भविष्य की व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।



















