दिल की सेहत का ध्यान रखने के लिए किसी बीमारी का इंतजार करना जरूरी नहीं है। रोजमर्रा की जिंदगी में की जाने वाली कई छोटी आदतें लंबे समय में हार्ट हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं। खान-पान, शारीरिक गतिविधि, मांसपेशियों की मजबूती और तनाव को नियंत्रित करने जैसे पहलुओं पर ध्यान देना स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा माना जाता है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय भोजराज ने अपने डेली रूटीन से जुड़ी कुछ आदतें साझा की हैं, जिन्हें वह अपनी हार्ट हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। उनके मुताबिक, शरीर को एक्टिव रखने से लेकर तनाव कम करने तक, कई छोटे कदम रोजाना की दिनचर्या में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं।
1. रोज शरीर को रखें एक्टिव
डॉक्टर भोजराज अपनी दिनचर्या में नियमित वॉकिंग को जगह देते हैं। वह अपने डॉग के साथ टहलते हैं और कोशिश करते हैं कि दिन का अधिकांश समय लगातार बैठे हुए न गुजरे।
हार्ट हेल्थ के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके लिए हर किसी को बेहद कठिन एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं होती। रोजाना पैदल चलना और लंबे समय तक बैठने के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेकर कुछ देर चलना-फिरना भी एक्टिव लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाया जा सकता है।
2. खाने को लेकर बरतें सावधानी
दिल की सेहत के लिए खान-पान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉक्टर अपने भोजन में ऐसे विकल्पों को प्राथमिकता देने की बात करते हैं, जो शरीर की मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए बेहतर हों।
सिर्फ वजन कम करने के उद्देश्य से डाइट बदलने के बजाय लंबे समय तक संतुलित और पौष्टिक भोजन को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। खाने में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को उचित मात्रा में शामिल किया जा सकता है। वहीं ज्यादा नमक, अतिरिक्त चीनी और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना बेहतर होता है।
3. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी दें जगह
कार्डियोलॉजिस्ट अपनी फिटनेस रूटीन में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी शामिल करते हैं। इसके लिए वह पर्सनल ट्रेनर की मदद लेते हैं और मांसपेशियों को मजबूत रखने वाली एक्सरसाइज करते हैं।
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत और कार्यक्षमता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उचित तरीके से की जाने वाली रेजिस्टेंस या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शरीर की ताकत और फिजिकल फिटनेस को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती है।
हालांकि, लंबे समय से एक्सरसाइज न करने वाले लोगों या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को नया वर्कआउट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
4. तनाव कम करने के लिए निकालें समय
लगातार तनाव भी जीवनशैली और स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। तनाव को मैनेज करने के लिए डॉक्टर भोजराज म्यूजिक सुनने, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में जगह देते हैं।
हर व्यक्ति के लिए रिलैक्स होने का तरीका अलग हो सकता है। ऐसे में दिन में कुछ समय ऐसी गतिविधियों के लिए निकालना उपयोगी हो सकता है, जिससे आपको मानसिक रूप से आराम महसूस हो।
छोटी आदतों से शुरू करें बदलाव
हार्ट हेल्थ के लिए अपनी पूरी दिनचर्या को एक साथ बदलने के बजाय छोटे कदमों से शुरुआत की जा सकती है। नियमित रूप से चलना-फिरना, संतुलित भोजन करना, मांसपेशियों की ताकत बनाए रखना और तनाव को मैनेज करने के तरीके अपनाना स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हो सकता है।
इसके अलावा ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और अन्य व्यक्तिगत जोखिम कारकों की नियमित जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, अचानक पसीना आना, चक्कर या दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। इसे डॉक्टर की सलाह या किसी बीमारी के इलाज का विकल्प न मानें। अपनी एक्सरसाइज, डाइट या दवाओं में बदलाव करने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह लें।



















