अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने लगातार नौवीं रात ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन अभियानों में मिसाइलों और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन सैन्य कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और उसे परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। साथ ही, अमेरिका का आरोप है कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है।
वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उत्तरी इराक में एक ड्रोन हमले से जुड़े विस्फोट में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हुई। बताया गया कि संदिग्ध विस्फोटक को निष्क्रिय करने के दौरान यह हादसा हुआ।
इसी बीच ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज में भी आग लगने की सूचना मिली है। आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के बीच इस घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
लगातार जारी सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।



















