Ghee Purity Test: त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में देसी घी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में बाजार में मिलावटी घी बिकने की आशंका भी बढ़ जाती है। हाल ही में दिल्ली में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकली देसी घी जब्त किए जाने की खबर सामने आई। इस तरह की घटनाओं से उपभोक्ताओं के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि बाजार से खरीदा गया घी वास्तव में शुद्ध है या उसमें दूसरे तेल और वसा की मिलावट की गई है।
देसी घी भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। इसका इस्तेमाल भोजन बनाने से लेकर मिठाइयों और कई पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है। लेकिन केवल रंग, खुशबू या गाढ़ेपन को देखकर इसकी शुद्धता का फैसला करना सही नहीं है। कुछ मिलावटें सामान्य घरेलू जांच से पकड़ में नहीं आतीं।
अगर आप भी बाजार से घी खरीदते हैं, तो उसकी गुणवत्ता को लेकर कुछ सावधानियां जरूर बरतें। घर पर किए जाने वाले कुछ आसान परीक्षण शुरुआती संकेत दे सकते हैं, लेकिन किसी भी तरीके से शुद्धता की सौ फीसदी पुष्टि नहीं होती।
हथेली पर रखकर घी की बनावट समझें
घी की बनावट और पिघलने का तरीका देखकर उसके बारे में शुरुआती जानकारी मिल सकती है। इसके लिए थोड़ी मात्रा में घी हथेली पर रखें और कुछ देर इंतजार करें। शरीर की गर्मी से घी धीरे-धीरे पिघल सकता है।
हालांकि, यह मान लेना गलत है कि हथेली पर तुरंत पिघलने वाला घी ही असली है और देर से पिघलने वाला नकली। अलग-अलग प्रकार की वसा का पिघलने का तापमान अलग होता है। मौसम और कमरे के तापमान का भी इस पर असर पड़ता है। इसलिए इस परीक्षण को केवल एक सामान्य निरीक्षण समझें, शुद्धता का प्रमाण नहीं।
गर्म करने पर रंग और खुशबू पर दें ध्यान
घी को हल्का गर्म करने पर उसकी खुशबू और बनावट में बदलाव देखा जा सकता है। शुद्ध घी गर्म होने पर पिघलता है और उसमें से सामान्य तौर पर एक खास सुगंध आती है। लेकिन केवल रंग बदलने या खुशबू के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि घी मिलावटी है या नहीं।
घी का रंग गाय या भैंस के दूध, पशु के चारे, मौसम और बनाने की प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए गहरा पीला, हल्का पीला या सफेद रंग अपने आप में मिलावट का संकेत नहीं है। घी को जांचने के लिए जानबूझकर बहुत ज्यादा गर्म न करें और गर्म तेल से होने वाली जलन से बचें।
आयोडीन टेस्ट से स्टार्च की मिलावट का पता लगाएं
कुछ खाद्य पदार्थों में स्टार्च की मौजूदगी का पता लगाने के लिए आयोडीन टेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है। इस परीक्षण में आयोडीन स्टार्च के संपर्क में आने पर नीला या नीला-काला रंग दिखा सकता है।
हालांकि, घी की शुद्धता जांचने के लिए यह कोई संपूर्ण परीक्षण नहीं है। इससे केवल स्टार्च की संभावित मौजूदगी का संकेत मिल सकता है। अगर घी में किसी दूसरे प्रकार के तेल या वसा की मिलावट है, तो आयोडीन टेस्ट उसे पकड़ने में सक्षम नहीं होगा।
इसलिए घी में आयोडीन मिलाकर रंग बदलने को उसकी पूरी शुद्धता का प्रमाण नहीं मानना चाहिए। ऐसे परीक्षण करते समय इस्तेमाल किए गए पदार्थ को खाने से बचें।
चीनी और हाइड्रोक्लोरिक एसिड वाला टेस्ट घर पर न करें
घी में वनस्पति वसा की मिलावट का पता लगाने के लिए कुछ रासायनिक परीक्षणों का उल्लेख किया जाता है। इनमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड और अन्य रसायनों का इस्तेमाल हो सकता है। लेकिन ये पदार्थ खतरनाक हो सकते हैं और त्वचा, आंखों या सांस के संपर्क में आने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसलिए इस तरह का परीक्षण घर की रसोई में करना सुरक्षित नहीं है। केवल रंग बदलने के आधार पर भी किसी घी को नकली घोषित नहीं किया जा सकता। मिलावट की पुष्टि के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों और मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला की जांच जरूरी होती है।
बाजार से देसी घी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
घी की शुद्धता को लेकर सबसे अच्छी सावधानी खरीदारी के समय बरतनी चाहिए। कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद खरीदने का जोखिम कम किया जा सकता है।
FSSAI लाइसेंस नंबर देखें: पैकेट पर खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण का लाइसेंस नंबर जरूर जांचें। जरूरत पड़ने पर इसकी वैधता की जानकारी भी प्राप्त करें।
लेबल को ध्यान से पढ़ें: पैकेट पर सामग्री, निर्माता का नाम, पता और अन्य जरूरी जानकारियां देखें।
निर्माण और एक्सपायरी तारीख जांचें: पुराना या गलत तरीके से रखा गया घी खरीदने से बचें।
सीलबंद पैक चुनें: ऐसा पैकेट खरीदें जिसकी सील टूटी हुई न हो और जिस पर छेड़छाड़ के निशान न हों।
बहुत कम कीमत से सावधान रहें: सामान्य बाजार मूल्य से असामान्य रूप से सस्ता घी मिलने पर उसकी गुणवत्ता और निर्माता की जानकारी जरूर जांचें।
विश्वसनीय दुकान से खरीदें: खुले घी की तुलना में सही लेबल और पैकेजिंग वाले उत्पाद को प्राथमिकता दें।
घी में मिलावट का संदेह हो तो क्या करें?
अगर घी में असामान्य गंध, स्वाद, रंग या बनावट नजर आए, तो उसका इस्तेमाल फिलहाल बंद कर दें। केवल घरेलू परीक्षण के आधार पर उसे असली या नकली घोषित न करें। पैकेट और बिल सुरक्षित रखें और जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग या मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से संपर्क करें।
घी की शुद्धता जांचने का सबसे भरोसेमंद तरीका वैज्ञानिक प्रयोगशाला परीक्षण है। घरेलू तरीके कुछ सामान्य संकेत दे सकते हैं, लेकिन सभी प्रकार की मिलावट की पहचान नहीं कर सकते। इसलिए अच्छी गुणवत्ता वाला घी खरीदने के लिए सही लेबल, भरोसेमंद निर्माता और सुरक्षित पैकेजिंग को प्राथमिकता देना सबसे बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। घरेलू परीक्षण खाद्य पदार्थ की शुद्धता की प्रमाणित जांच का विकल्प नहीं हैं। रासायनिक पदार्थों से जुड़े प्रयोग घर पर न करें।


















