दिल्ली में इन दिनों एक अलग तरह की ऑनलाइन प्रतियोगिता चर्चा में है। ‘Fat Dogs Of Delhi’ नाम के इस मुकाबले में शहर के अलग-अलग इलाकों में नजर आने वाले भारी-भरकम कुत्तों को शामिल किया गया है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई इस पहल को लोगों का काफी ध्यान मिल रहा है। कई लोग अपने पसंदीदा कुत्ते को समर्थन देने के लिए पोस्ट और वोट अपील भी कर रहे हैं।
मजेदार नजर आने वाली इस प्रतियोगिता के बीच पशु स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। सवाल यह है कि क्या किसी कुत्ते का ज्यादा वजन वास्तव में उसके लिए स्वस्थ माना जा सकता है?
64 कुत्तों से शुरू हुई ऑनलाइन प्रतियोगिता
इस ऑनलाइन मुकाबले की शुरुआत दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में दिखने वाले ज्यादा वजन वाले कुत्तों की तस्वीरें साझा किए जाने से हुई। इसके बाद लोगों ने अपने आसपास के कुत्तों की तस्वीरें और उनके इलाकों की जानकारी साझा करनी शुरू कर दी।
शुरुआती चरण में करीब 64 कुत्तों को प्रतियोगिता में शामिल किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग राउंड में वोटिंग कराई गई। लोगों का उत्साह इतना बढ़ गया कि कुछ प्रतिभागी कुत्तों के समर्थन में पोस्टर और ऑनलाइन कैंपेन भी देखने को मिले।
कई लोगों ने अपने क्षेत्र के पसंदीदा कुत्ते के लिए वोट करने की अपील सोशल मीडिया पर साझा की।
ज्यादा वजन कुत्तों की सेहत के लिए बन सकता है परेशानी
कुत्तों में भी जरूरत से ज्यादा वजन कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। शरीर का अतिरिक्त वजन उनके जोड़ों और हड्डियों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसके कारण दौड़ने, चलने और सामान्य शारीरिक गतिविधियों में परेशानी हो सकती है।
अधिक वजन वाले कुत्तों में कुछ बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है। इनमें डायबिटीज, हृदय संबंधी समस्याएं और सांस लेने में परेशानी जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं।
हालांकि, हर कुत्ते का वजन सिर्फ ज्यादा खाना खाने की वजह से नहीं बढ़ता। कुछ मामलों में हार्मोन से जुड़ी समस्याएं, उम्र, शारीरिक गतिविधि की कमी या नसबंदी के बाद होने वाले बदलाव भी वजन बढ़ने में भूमिका निभा सकते हैं।
कुत्ते का वजन नहीं, उसका स्वस्थ रहना जरूरी
भारी-भरकम कुत्तों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों को आकर्षक या मजेदार लग सकती हैं, लेकिन किसी पालतू या स्ट्रीट डॉग के लिए ज्यादा वजन को स्वास्थ्य का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
अतिरिक्त वजन की वजह से कुत्ते की शारीरिक गतिविधि कम हो सकती है। वह दौड़ने और खेलने में कम रुचि दिखा सकता है और लंबे समय में उसकी जीवन गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
इसलिए किसी कुत्ते को केवल प्रतियोगिता या सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए जरूरत से ज्यादा खिलाना उचित नहीं है। कुत्ते का सही वजन उसकी नस्ल, उम्र, शरीर की बनावट और गतिविधि के स्तर के अनुसार अलग हो सकता है। अगर वजन को लेकर चिंता हो तो पशु चिकित्सक से जांच और डाइट संबंधी सलाह लेना बेहतर रहता है।



















