• Home
  • Blog
  • Privacy Policy
  • About Us
Saturday, October 24, 2026
Janveena Hindi News Portal
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
No Result
View All Result
Jan Veena
No Result
View All Result

अगर दिन में सोने की है आदत, तो हो जाएं सावधान – बढ़ सकता है खतरनाक बीमारी का खतरा!

JANVEENA by JANVEENA
September 17, 2025
in स्वास्थ्य
0
अगर दिन में सोने की है आदत, तो हो जाएं सावधान – बढ़ सकता है खतरनाक बीमारी का खतरा!

 

Women Sleep Problems: हाल ही में हुई एक नई स्टडी में पता चला है कि 80 की उम्र की महिलाएं, जिनकी दिन में नींद बढ़ती जाती है, उन्हें डिमेंशिया होने का खतरा दोगुना हो सकता है. हालांकि, यह स्टडी यह साबित नहीं करती कि दिन में नींद लेने से डिमेंशिया होता है, लेकिन यह दोनों के बीच मजबूत संबंध दिखाती है. नींद हमारे दिमाग के लिए बेहद जरूरी है. यह दिमाग को आराम और ऊर्जा देने का समय देती है, जिससे हम सोच सकते हैं और चीज़ें याद रख सकते हैं. लेकिन उम्र बढ़ने के साथ नींद का पैटर्न बदल सकता है, और यही इस स्टडी का मुख्य विषय था.

स्टडी के बारे में

READ ALSO

फ्रांस में पहली बार इंसान में मिला शमोंडा वायरस, मरीज की मौत के बाद बढ़ी जांच

क्या घर का खाना भी पहुंचा सकता है लिवर को नुकसान? जानें किन आदतों से बढ़ता है फैटी लिवर का खतरा

स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया, सैन फ्रांसिस्को के शोधकर्ताओं ने की थी, जिसका नेतृत्व डॉ. यू लेंग ने किया. इसमें 733 महिलाएं शामिल थीं, जिनकी औसत उम्र 83 साल थी. स्टडी शुरू होने पर इन महिलाओं में कोई भी याददाश्त या सोचने की समस्या नहीं थी. इन महिलाओं को पांच साल तक ट्रैक किया गया.

नींद के पैटर्न और परिणाम

स्टडी के अंत तक, 164 महिलाओं (22 प्रतिशत) को माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट और 93 महिलाओं (13 प्रतिशत) को डिमेंशिया हुआ. नींद के पैटर्न समझने के लिए सभी प्रतिभागियों ने तीन दिन तक अपनी कलाई की डिवाइस पहनी, जिसने उनकी नींद और दिन-रात की दिनचर्या रिकॉर्ड की.

शोधकर्ताओं ने पाया कि पांच साल में आधे से ज्यादा महिलाओं की नींद में महत्वपूर्ण बदलाव आया. उन्हें तीन समूहों में बांटा गया-

स्थिर या थोड़ी बेहतर नींद (44 प्रतिशत)

रात की नींद में गिरावट (35 प्रतिशत)

दिन और रात दोनों में बढ़ती नींद (21 प्रतिशत)

रात की नींद में गिरावट और बढ़ती नींद

रात की नींद में गिरावट वाले समूह में नींद की गुणवत्ता और समय कम हो गया. ये महिलाएं ज्यादा दिन में झपकी लेती थीं और उनकी नींद-जागने की दिनचर्या असामान्य हो गई.
बढ़ती नींद वाले समूह में रात और दिन दोनों में नींद लंबी हो गई, लेकिन उनका नींद का रिदम और बिगड़ गया.

डिमेंशिया का जोखिम

जब शोधकर्ताओं ने डिमेंशिया के जोखिम को देखा, तो बढ़ती नींद वाले समूह में सबसे अधिक जोखिम पाया गया. इस समूह में 19 प्रतिशत महिलाओं को डिमेंशिया हुआ, जबकि स्थिर नींद वाले समूह में यह 8 प्रतिशत और रात की नींद में गिरावट वाले समूह में 15 प्रतिशत था. अन्य कारण जैसे उम्र, शिक्षा, जाति, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को ध्यान में रखते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि बढ़ती नींद वाले समूह की महिलाओं में डिमेंशिया होने का खतरा स्थिर नींद वाले समूह से दोगुना था. रोचक बात यह है कि रात की नींद में गिरावट वाले समूह में जोखिम में कोई खास बढ़ोतरी नहीं थी.

नींद और बुजुर्गों का स्वास्थ्य

डॉ. लेंग ने कहा कि नींद, झपकी और हमारे शरीर की दिनचर्या केवल पांच साल में भी काफी बदल सकती है. इसलिए बुजुर्गों में दिमागी स्वास्थ्य का अध्ययन करते समय सिर्फ रात की नींद नहीं बल्कि नींद के सभी पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है. स्टडी में शामिल अधिकतर प्रतिभागी गोरे थे, इसलिए इसके रिजल्ट सभी जातियों और समूहों पर लागू नहीं हो सकते. भविष्य में ज्यादा विविध और बड़े अध्ययन की आवश्यकता है.

यह रिसर्च U.S. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑन एजिंग द्वारा फंड की गई थी. स्टडी का प्रकाशन Neurology जर्नल में हुआ है. यह अध्ययन बुजुर्ग महिलाओं में दिन-रात की नींद और डिमेंशिया के जोखिम के बीच संबंध को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देता है

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Previous Post

चमत्कार की राह पर बांग्लादेश, तूफानी शुरुआत के बाद ढह गई बल्लेबाजी; अफगानिस्तान को जीत के लिए 155 रन दरकार

Next Post

संजय दत्त, गोविंदा या मिथुन चक्रवर्ती – जानें किसकी है सबसे ज्यादा नेटवर्थ

Related Posts

फ्रांस में पहली बार इंसान में मिला शमोंडा वायरस, मरीज की मौत के बाद बढ़ी जांच
स्वास्थ्य

फ्रांस में पहली बार इंसान में मिला शमोंडा वायरस, मरीज की मौत के बाद बढ़ी जांच

October 23, 2026
क्या घर का खाना भी पहुंचा सकता है लिवर को नुकसान? जानें किन आदतों से बढ़ता है फैटी लिवर का खतरा
स्वास्थ्य

क्या घर का खाना भी पहुंचा सकता है लिवर को नुकसान? जानें किन आदतों से बढ़ता है फैटी लिवर का खतरा

October 22, 2026
भारत में विटामिन D की कमी क्यों बढ़ रही है? भरपूर धूप के बावजूद 10 में से 7 लोगों में मिली कमी
स्वास्थ्य

भारत में विटामिन D की कमी क्यों बढ़ रही है? भरपूर धूप के बावजूद 10 में से 7 लोगों में मिली कमी

October 22, 2026
सर्दियों में सर्दी-जुकाम से बचना है तो अपनाएं ये उपाय, शुरुआती लक्षण दिखते ही करें ये काम
स्वास्थ्य

सर्दियों में सर्दी-जुकाम से बचना है तो अपनाएं ये उपाय, शुरुआती लक्षण दिखते ही करें ये काम

October 21, 2026
रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या को न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
स्वास्थ्य

रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या को न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

October 21, 2026
LNJP अस्पताल में लगेंगी आधुनिक जांच सुविधाएं, नई CT और MRI मशीनों से मरीजों को मिलेगी राहत
स्वास्थ्य

LNJP अस्पताल में लगेंगी आधुनिक जांच सुविधाएं, नई CT और MRI मशीनों से मरीजों को मिलेगी राहत

October 17, 2026
Next Post
संजय दत्त, गोविंदा या मिथुन चक्रवर्ती – जानें किसकी है सबसे ज्यादा नेटवर्थ

संजय दत्त, गोविंदा या मिथुन चक्रवर्ती – जानें किसकी है सबसे ज्यादा नेटवर्थ

बॉयकॉट की धमकी के बाद पाकिस्तान ने दिखाया कमजोर रुख, दबाव में आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द

बॉयकॉट की धमकी के बाद पाकिस्तान ने दिखाया कमजोर रुख, दबाव में आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Advertisement

Advertisement

POPULAR NEWS

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

August 1, 2024
निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

October 13, 2024
राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

January 13, 2025
डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

September 27, 2024
बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

May 9, 2026

Advertisement

E-Paper

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 14 मई, 2023

May 14, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 21 फरवरी, 2024

February 21, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 21 जुलाई, 2023

July 21, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 21 मई, 2023

May 21, 2023

About Us

जन वीणा एक विश्वसनीय समाचार वेबसाइट है जो नवीनतम खबरों, घटनाओं और विश्लेषण को निष्पक्षता के साथ पेश करती है। हमारी अनुभवी टीम आपको राजनीति, व्यवसाय, खेल, मनोरंजन, विज्ञान, और अन्य विषयों पर सटीक खबरें प्रदान करती है।
Contact No.-9335654453 

E-Mail Id-janveenanews@gmail.com

Categories

  • Auto
  • ई-पेपर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि एवं ग्रामीण विकास
  • खेल
  • जनवीणा प्रकाशन
  • देश
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • पर्यटन
  • प्रमुख समाचार
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • विचार वातायन
  • विदेश
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य

Follow us

No Result
View All Result
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन

©Copyright 2024, All Rights Reserved For JanVeena by RA.Tech (7985291626)