भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारी कर रही है। दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैच खेले जाने हैं, जिसकी शुरुआत 15 अगस्त से होगी। सीरीज शुरू होने से पहले आइए भारतीय क्रिकेट के इतिहास के उस खास मुकाबले को याद करते हैं, जब टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट पारी में 664 रन बनाए थे।
यह मुकाबला साल 2007 में खेला गया था और इस मैच में भारतीय टीम के नंबर-8 बल्लेबाज अनिल कुंबले ने शानदार शतक लगाया था। खास बात यह रही कि भारत की इस पारी में खेलने वाले सभी 11 खिलाड़ियों ने कम से कम 10 रन बनाए थे। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए यह एक बेहद खास उपलब्धि बन गई थी।
664 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी टीम इंडिया
2007 में भारतीय टीम तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने इंग्लैंड दौरे पर गई थी। सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 अगस्त से शुरू हुआ। भारत ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी की और दूसरे दिन उसकी पहली पारी 664 रन पर समाप्त हुई।
इस पारी में सबसे ज्यादा चर्चा अनिल कुंबले की हुई। नंबर-8 पर बल्लेबाजी करने उतरे कुंबले ने बेहतरीन शतक जमाया और नाबाद 110 रन बनाए। उनकी पारी में 16 चौके और एक छक्का शामिल था।
धोनी समेत कई बल्लेबाजों ने बनाए रन
भारत के लिए इस पारी में सिर्फ कुंबले ने ही बड़ी पारी नहीं खेली थी। टीम के कई बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान दिया।
एमएस धोनी 92 रन बनाकर शतक से चूक गए, जबकि दिनेश कार्तिक ने 91 रन की पारी खेली। सचिन तेंदुलकर ने 82 और राहुल द्रविड़ ने 55 रन बनाए। वीवीएस लक्ष्मण भी 51 रन बनाने में कामयाब रहे।
इसके अलावा सौरव गांगुली ने 37, वसीम जाफर ने 35 और एस. श्रीसंत ने भी 35 रन का योगदान दिया। जहीर खान और आरपी सिंह ने 11-11 रन बनाए।
इस तरह भारत की पूरी टीम 664 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।
सभी 11 खिलाड़ियों ने पार किया था दहाई का आंकड़ा
इस मुकाबले की सबसे खास बात भारत की बल्लेबाजी का एक अनोखा रिकॉर्ड था। टीम की पारी में शामिल सभी 11 खिलाड़ियों ने कम से कम 10 रन बनाए थे।
यानी किसी भी भारतीय बल्लेबाज का स्कोर दहाई के आंकड़े से नीचे नहीं रहा। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की 50 साल की अवधि में यह ऐसी इकलौती पारी रही, जिसमें सभी 11 बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार किया था।
इसी मुकाबले में अनिल कुंबले ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। 36 साल और 296 दिन की उम्र में शतक लगाकर वह ओवल मैदान पर शतक बनाने वाले सबसे उम्रदराज एशियाई बल्लेबाज बने थे।
664 रन के बाद भी जीत नहीं मिली
भारत ने पहली पारी में 664 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद मुकाबला जीत में तब्दील नहीं हो सका।
इंग्लैंड की टीम अपनी पहली पारी में 345 रन पर सिमट गई। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में 6 विकेट के नुकसान पर 180 रन बनाकर पारी घोषित कर दी।
इंग्लैंड के सामने मैच जीतने के लिए 500 रन का लक्ष्य था। लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम ने 6 विकेट पर 369 रन बनाए। इसके बाद मुकाबले का समय समाप्त हो गया और टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ।
भारत की 664 रन की पारी, अनिल कुंबले का शतक और सभी 11 बल्लेबाजों का दहाई का आंकड़ा पार करना इस टेस्ट को भारतीय क्रिकेट के इतिहास के यादगार मुकाबलों में शामिल करता है।



















