अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा से जुड़ी एक विमानन घटना ने चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को राष्ट्रपति को लेकर उड़ रहा सैन्य हेलिकॉप्टर मरीन वन वॉशिंगटन के ऊपर एक यात्री विमान के काफी करीब पहुंच गया। दोनों विमानों के बीच सुरक्षित दूरी कम होने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना उस समय हुई जब मरीन वन व्हाइट हाउस से एंड्रयूज एयर फोर्स बेस की ओर जा रहा था। इसी दौरान अमेरिकन एयरलाइंस की एक क्षेत्रीय उड़ान ने रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों विमानों के बीच तय सुरक्षा दूरी कम हो गई थी। अधिकारियों ने इसे एविएशन भाषा में ‘लॉस ऑफ सेपरेशन’ यानी विमानों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखने में हुई चूक बताया है।
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोलर दोनों विमानों के पायलटों के संपर्क में था। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ऐसी स्थिति किन परिस्थितियों में बनी और क्या एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़ी किसी गलती की इसमें भूमिका थी।
NTSB ने शुरू की जांच
अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने घटना की जांच शुरू करने की पुष्टि की है। एजेंसी के मुताबिक, वह 4 अगस्त को रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले एक कमर्शियल विमान और मरीन वन के बीच कम हुई सुरक्षित दूरी की जांच कर रही है।
जांच में दोनों विमानों की स्थिति, एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश और उस समय पायलटों के बीच हुई बातचीत समेत कई पहलुओं को देखा जा सकता है।
व्हाइट हाउस ने कहा- राष्ट्रपति को खतरा नहीं था
घटना के बाद व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की चिंता से इनकार किया है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि मरीन वन को बेहद अनुभवी और कुशल पायलट संचालित करते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि घटना के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को किसी भी समय खतरा नहीं था।
FAA भी कर रहा है मामले की समीक्षा
अमेरिकी एविएशन रेगुलेटर फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने भी घटना को लेकर जानकारी दी है। FAA के मुताबिक, जब दोनों विमानों के बीच दूरी कम हुई, उस समय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर कमर्शियल विमान के पायलट और मरीन वन के पायलट दोनों के संपर्क में था।
एजेंसी अब पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। जांच के बाद यदि किसी तरह की कमी सामने आती है तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
विमानों के बीच कितनी दूरी जरूरी होती है?
विमानन सुरक्षा नियमों के तहत अलग-अलग परिस्थितियों में विमानों के बीच न्यूनतम सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस तरह की स्थिति में करीब 1.5 मील की क्षैतिज और 500 फीट की ऊर्ध्वाधर दूरी बनाए रखने का सुरक्षा मानक लागू होता है।
फिलहाल अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों विमानों के बीच वास्तविक दूरी कितनी रह गई थी और इस घटना के पीछे मुख्य वजह क्या थी।
हालांकि व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति के लिए किसी खतरे से इनकार किया है, लेकिन राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर और एक यात्री विमान के बीच सुरक्षा दूरी कम होने की घटना ने वॉशिंगटन के हवाई यातायात प्रबंधन पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।



















