बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं पेट से जुड़े संक्रमणों का खतरा भी बढ़ा देता है। इस दौरान दूषित पानी, नमी और भोजन में तेजी से पनपने वाले बैक्टीरिया व वायरस के कारण फूड पॉइजनिंग, दस्त, उल्टी, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इन संक्रमणों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
1. हमेशा सुरक्षित पानी पिएं
मानसून में दूषित पानी संक्रमण का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। इसलिए उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या विश्वसनीय स्रोत का पैक्ड पानी ही पिएं। यदि पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो, तो उसे उबालकर उपयोग करें। बाहर निकलते समय अपने साथ पानी की बोतल रखना भी बेहतर विकल्प है।
2. ताजा और घर का बना भोजन खाएं
लंबे समय तक खुले में रखा खाना बारिश के मौसम में जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए घर का ताजा बना भोजन ही प्राथमिकता दें। सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ, पहले से कटे फल और लंबे समय तक बाहर रखे स्नैक्स खाने से बचें।
3. फल और सब्जियां अच्छी तरह साफ करें
फल और सब्जियों को केवल पानी से धोना हमेशा पर्याप्त नहीं होता। इन्हें अच्छी तरह साफ करें और जरूरत पड़ने पर कुछ मिनट के लिए सिरके मिले पानी में भिगोकर धो सकते हैं। कच्चे स्प्राउट्स और पहले से कटे फलों का सेवन करने से भी बचें।
4. हाथों की स्वच्छता का रखें ध्यान
खाना खाने या बनाने से पहले, शौचालय के उपयोग के बाद और बाहर से घर लौटने पर साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोने की आदत संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
यदि किसी को उल्टी या दस्त की समस्या हो जाए, तो शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस जैसे तरल पदार्थ लें तथा हल्का भोजन करें। यदि तेज बुखार, मल या उल्टी में खून, लगातार दस्त या लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी बीमारी के लक्षण होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।



















