• Home
  • Blog
  • Privacy Policy
  • About Us
Saturday, May 2, 2026
Janveena Hindi News Portal
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
No Result
View All Result
Jan Veena
No Result
View All Result

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का श्रीरामलला के प्रति समर्पण क्या हिंदू राष्ट्र की मौखिक उद्घोषणा है?

-डी.पी.गुप्ता

Janveena News by Janveena News
May 6, 2024
in विचार वातायन
1
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का श्रीरामलला के प्रति समर्पण क्या हिंदू राष्ट्र की मौखिक उद्घोषणा है?

भारत में सैकड़ों साल की इस्लामिक, ईसाई राजसत्ता की गुलामी फिर 1947 के बाद मुस्लिम‌ तुष्टिकरण नीति के चलते एक हिंदू सनातनी को घोर निराशा होने के बावजूद यह उम्मीद हमेशा बनी रही कि कभी न कभी उनको न्याय मिलेगा और उनके आराध्य प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली पर पुनः‌ भव्य मंदिर बनेगा। परंतु जातियों में बंटे हिंदू धर्म किसी एक सनातनी को ये आशा हमेशा सप्नवत ही लगी कि भारत कभी एक हिन्दू राष्ट्र बनेगा। इस विषय पर समाजसेवी पत्रकार डी पी गुप्ता एडवोकेट ने अपना नजरिया प्रस्तुत करते हुए लिखा है कि सन् 2014 को जबसे नरेन्द्र दामोदरदास मोदी के नेतृत्व में एक नये भारत का जन्म हुआ तबसे भारत के सनातन हिन्दू भावनाओं को वाजिब सम्मान मिल रहा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण उपरोक्त फोटो को देख कर ही लग जाता है जिसमें भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य मंत्री पूरी निष्ठा के साथ भगवान राम लला की पूजा कर रहे हैं। उन्हे मुस्लिम तुष्टिकरण करने की कोई परवाह नहीं है और उनकी कार्यशैली ये बता रही है जैसे वर्तमान शासन-सत्ता भारत में हिंदू राष्ट्र की मौखिक घोषणा कर रही है। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम से मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते जिस तरह दूरी बनायी उससे‌ ठीक उल्टा वर्तमान भारत सरकार सभी धर्मों का यथोचित सम्मान और सबका‌ साथ, सबका विकास की नीति का दृढ़ता पूर्वक पालन करते हुए भी भारतवर्ष के प्राचीन मूल सनातन हिन्दू भावनाओं का पूरी निष्ठा और समर्पण से सम्मान कर रही है‌ जो कि सराहनीय है। श्रीमद्भगवत गीता के अध्याय के तीन के 35वें श्लोक के द्वितीय चरण में वर्णित है कि “स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः।।” अर्थात अपने धर्म में रहने के लिए मृत्यु को भी स्वीकार करना‌ श्रेयष्कर है परन्तु दूसरे धर्म में परिवर्तित होना बहुत ही भयावह है। सनातन मूल्यों के इसी सिद्धांत का पालन करते हुए करोड़ों लोग बलिदान हो गये परन्तु किसी‌ विदेशी धर्म को अंगीकार नहीं किया‌। एक वक्त था जब देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1955 में सऊदी अरब के बादशाह के काशी दौरे के समय रास्ते की सभी मंदिरों और मूर्तियों को कपड़े से ढका दिया था क्योंकि उन्हें लगता था कि इस्लाम में बुतपरस्ती हराम है इसलिए सऊदी का बादशाह कहीं नाराज न हो जाए। इससे उस वक्त हिंदू भावनाओं को बहुत ठेस पहुंची थी परंतु तत्कालीन सरकार ने हिंदू भावनाओं की परवाह नहीं किया था परन्तु आज के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत इतना अधिक सशक्त हो गया है कि उसी अरब की धरती पर हिंदू मंदिर बनवा कर मूर्ति पूजा के जरिए ईश्वर आराधना करने की सर्वश्रेष्ठ पूजा पद्धति‌ को स्थापित कर दिया है। जो अपने आप में अकल्पनीय घटना है।

(ये लेखक के निजी विचार हैं।)

READ ALSO

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार

रचनात्मक हस्तक्षेप है ओटीटी सामग्री के नियमन की मांग

Previous Post

तीसरे चरण में 7 मई को यूपी के 10 लोकसभा क्षेत्रों में मतदान, 100 प्रत्याशी मैदान में

Next Post

अक्षय कुमार और अरशद वारसी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई: 6 लोगों को जारी नोटिस, न्यायाधीशों और वकीलों की छवि खराब करने का आरोप – अजमेर न्यूज़

Related Posts

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार
विचार वातायन

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार

January 7, 2026
राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला
विचार वातायन

रचनात्मक हस्तक्षेप है ओटीटी सामग्री के नियमन की मांग

November 21, 2025
राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला
विचार वातायन

राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला

November 15, 2025
लंका से अयोध्या की यात्रा पर
विचार वातायन

लंका से अयोध्या की यात्रा पर

October 18, 2025
उपेक्षा का आरोप बम भी फुस्स
विचार वातायन

जनादेश का यह कैसा स्वागत

June 4, 2024
उपेक्षा का आरोप बम भी फुस्स
विचार वातायन

बोया पेड़ बबूल का, आम कहां से होय

June 3, 2024
Next Post
अक्षय कुमार और अरशद वारसी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई:  6 लोगों को जारी नोटिस, न्यायाधीशों और वकीलों की छवि खराब करने का आरोप – अजमेर न्यूज़

अक्षय कुमार और अरशद वारसी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई: 6 लोगों को जारी नोटिस, न्यायाधीशों और वकीलों की छवि खराब करने का आरोप - अजमेर न्यूज़

रोग प्रतिरोधक क्षमता को गर्मी में बढ़ाना चाहते हैं? इन पांच आंवले से बनाए गए भोजनों को ट्राइ करें

रोग प्रतिरोधक क्षमता को गर्मी में बढ़ाना चाहते हैं? इन पांच आंवले से बनाए गए भोजनों को ट्राइ करें

Comments 1

  1. Sudha Dwivedi says:
    2 years ago

    विचारपरक आलेख। साधुवाद।

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Advertisement

Advertisement

POPULAR NEWS

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

August 1, 2024
निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

October 13, 2024
राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

January 13, 2025
डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

September 27, 2024
आदर्श जननायक थे बनारसी दास गुप्ता : इण्टरनेशनल वैश्य फेडरेशन ने लखनऊ में मनाई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री की जयंती

आदर्श जननायक थे बनारसी दास गुप्ता : इण्टरनेशनल वैश्य फेडरेशन ने लखनऊ में मनाई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री की जयंती

November 5, 2024

Advertisement

E-Paper

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 14 मार्च, 2024

March 14, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 14 जनवरी, 2024

January 14, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 फरवरी, 2024

February 28, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अगस्त, 2023

August 28, 2023

About Us

जन वीणा एक विश्वसनीय समाचार वेबसाइट है जो नवीनतम खबरों, घटनाओं और विश्लेषण को निष्पक्षता के साथ पेश करती है। हमारी अनुभवी टीम आपको राजनीति, व्यवसाय, खेल, मनोरंजन, विज्ञान, और अन्य विषयों पर सटीक खबरें प्रदान करती है।
Contact No.-9335654453 

E-Mail Id-janveenanews@gmail.com

Categories

  • Auto
  • ई-पेपर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि एवं ग्रामीण विकास
  • खेल
  • जनवीणा प्रकाशन
  • देश
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • पर्यटन
  • प्रमुख समाचार
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • विचार वातायन
  • विदेश
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य

Follow us

No Result
View All Result
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन

©Copyright 2024, All Rights Reserved For JanVeena by RA.Tech (7985291626)