• Home
  • Blog
  • Privacy Policy
  • About Us
Saturday, May 2, 2026
Janveena Hindi News Portal
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
No Result
View All Result
Jan Veena
No Result
View All Result

लंका से अयोध्या की यात्रा पर

-रवि तिवारी

Janveena News by Janveena News
October 18, 2025
in विचार वातायन
0
लंका से अयोध्या की यात्रा पर

-रवि तिवारी

श्रीराम कार्तिक अमावस्या के दिन अपने राज्य कौशल वापिस लौट रहे थे। तुलसीदास कृत रामचरितमानस के अनुसार, रावण वध के पश्चात जब श्रीराम की अयोध्या वापसी की बेला आई तो धर्म-अधर्म के इस युद्ध मे उनके साथी रहे नील, जामवंत, हनुमान, सुग्रीव आदि दुःखी हो गए। अपने साथियों की मन:स्थिति को भांपते हुए श्रीराम ने उन्हें भी अपने साथ चलने के लिये कहा।
कुबेर का पुष्पक विमान उन्हें वायु मार्ग से अयोध्या ले जा रहा था। किंतु श्रीराम मार्ग में कई स्थानों पर अपने मित्रों के यहां रूके। सबसे पहले विमान अगस्त्य ऋषि के आश्रम में पहुँचा। मुनि अगस्त्य का आश्रम दंडकवन में था। इस आश्रम में उनके साथ कई अन्य मुनि भी रहते थे। तुलसीदास जी इस संदर्भ में लंकाकाण्ड में लिखते है-
“तुरत बिमान तहाँ चलि आवा। दंडक बन जहँ परम सुहावा।।

READ ALSO

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार

रचनात्मक हस्तक्षेप है ओटीटी सामग्री के नियमन की मांग

कुंभजादि मुनिनायक नाना। गए रामु सब कें अस्थाना।।”

अब वो प्रयागराज में गंगा-यमुना के संगम के समीप पहुँच जाते है। यहाँ से वो गंगा माँ को प्रणाम करते है और सीता जी को संगम का महात्म्य समझाते है। इस बीच उन्हें अपनी राजधानी अयोध्या के दर्शन भी होते है-
“पुनि देखु अवधपुरी अति पावनि। त्रिबिध ताप भव रोग नसावनि।”

अब उनका पुष्पक विमान प्रयागराज में पड़ाव डालता है। यहाँ पर त्रिवेणी में स्नान करने के उपरांत वो वानरों और ब्राह्मणों को भोज भी कराते है-
“पुनि प्रभु आइ त्रिबेनीं हरषित मज्जनु कीन्ह।कपिन्ह सहित बिप्रन्ह कहुँ दान बिबिध बिधि दीन्ह।”

यहाँ से भगवान श्रीराम ने अपने आगमन की प्रथम सूचना अयोध्या संप्रेषित की-
“जासु बिरहँ सोचहु दिन राती। रटहु निरंतर गुन गन पाँती॥रघुकुल तिलक सुजन सुखदाता। आयउ कुसल देव मुनि त्राता॥”

इसी दौरान श्रीराम ने भरत को अपने आगमन की सूचना हेतु हनुमान को आदेश दिया कि ब्राह्मण का रूप धारण कर के नंदीग्राम जाओ-
रिपु रन जीति सुजस सुर गावत। सीता सहित अनुज प्रभु आवत॥

सुनत बचन बिसरे सब दूखा। तृषावंत जिमि पाइ पियूषा॥

इसके उपरांत श्रीराम भारद्वाज मुनि के आश्रम पहुँचते है। यहाँ से पुष्पक विमान गंगा के दूसरे छोर पे पड़ाव डालने हेतु उड़ान भरता है। यहाँ पर श्रीराम अपने प्रिय मित्र निषाद राज से मिलते है। सीता, गंगा की पूजा-अर्चना करती हैं और आशीर्वाद ग्रहण करती हैं अब विमान अयोध्या के लिये उड़ान भरता है।

श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में समस्त अयोध्या की स्त्रियाँ दही, दूब, गोरोचन, फल, फूल और मंगल के मूल नवीन तुलसीदल आदि वस्तुएँ सोने की थालों में भर-भरकर मंगल गीत गाते हुए अयोध्या भर में घूम रही है। श्रीराम को आते देखकर समस्त अयोध्या नगरी सौंदर्य की खान हो गई है। सरयू जल अति निर्मल हो गया है।
अवधपुरी प्रभु आवत जानी। भई सकल सोभा कै खानी॥
बहइ सुहावन त्रिबिध समीरा । भइ सरजू अति निर्मल नीरा

अयोध्या का प्रत्येक नागरिक श्रीराम की एक झलक पाने को व्याकुल है। जो जिस दशा में है, वो उसी दशा में बाहर दौड़ा चला आ रहा है। कहीं श्रीराम की पहली छवि निहारने से कोई वंचित न रह जाए। समस्त लोग श्रीराम के दर्शन के लिये अयोध्या में अपने घरों से बाहर आते है। जिसपर तुलसीदास जी लिखते हैं –
सुनि अयोध्या पुलकित सब नारी। हरष बिभोर भए नर नारी॥
द्वार द्वार गृह गृह सब लोगा। बारहि बारहि करहिं बिनोगा॥

और अंततः श्रीराम का पुष्पक विमान अब अयोध्या में उतर चुका है।
आवत देखि लोग सब कृपासिंधु भगवान।

नगर निकट प्रभु प्रेरेउ उतरेउ भूमि बिमान ॥

आप सभी को इस दीपावली के शुभ अवसर पर ढेरों शुभकामनाएं एवं अत्यंत प्रेम,

प्रभु श्री राम की जय हो धर्म की विजय हो।।

Previous Post

सीजफायर बढ़ने के चंद घंटों बाद ही पाकिस्तान की नापाक हरकत, अफगानिस्तान पर कर दी एयरस्ट्राइक।

Next Post

संगीत भवन अकादमी में दीपोत्सव

Related Posts

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार
विचार वातायन

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार

January 7, 2026
राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला
विचार वातायन

रचनात्मक हस्तक्षेप है ओटीटी सामग्री के नियमन की मांग

November 21, 2025
राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला
विचार वातायन

राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला

November 15, 2025
उपेक्षा का आरोप बम भी फुस्स
विचार वातायन

जनादेश का यह कैसा स्वागत

June 4, 2024
उपेक्षा का आरोप बम भी फुस्स
विचार वातायन

बोया पेड़ बबूल का, आम कहां से होय

June 3, 2024
उपेक्षा का आरोप बम भी फुस्स
विचार वातायन

एक्जिट पोल से कहीं खुशी, कहीं गम

June 2, 2024
Next Post
संगीत भवन अकादमी में दीपोत्सव

संगीत भवन अकादमी में दीपोत्सव

बाबर आजम फिर नाकाम, शान मसूद शतक बनाने से चूके; रावलपिंडी टेस्ट के पहले दिन पाकिस्तान ने गंवाए 5 विकेट

बाबर आजम फिर नाकाम, शान मसूद शतक बनाने से चूके; रावलपिंडी टेस्ट के पहले दिन पाकिस्तान ने गंवाए 5 विकेट

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Advertisement

Advertisement

POPULAR NEWS

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

August 1, 2024
निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

October 13, 2024
राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

January 13, 2025
डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

September 27, 2024
आदर्श जननायक थे बनारसी दास गुप्ता : इण्टरनेशनल वैश्य फेडरेशन ने लखनऊ में मनाई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री की जयंती

आदर्श जननायक थे बनारसी दास गुप्ता : इण्टरनेशनल वैश्य फेडरेशन ने लखनऊ में मनाई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री की जयंती

November 5, 2024

Advertisement

E-Paper

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 मई, 2023

May 28, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 14 फरवरी, 2024

February 14, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक), 21 मई, 2024

May 21, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 07 दिसम्बर, 2023

December 7, 2023

About Us

जन वीणा एक विश्वसनीय समाचार वेबसाइट है जो नवीनतम खबरों, घटनाओं और विश्लेषण को निष्पक्षता के साथ पेश करती है। हमारी अनुभवी टीम आपको राजनीति, व्यवसाय, खेल, मनोरंजन, विज्ञान, और अन्य विषयों पर सटीक खबरें प्रदान करती है।
Contact No.-9335654453 

E-Mail Id-janveenanews@gmail.com

Categories

  • Auto
  • ई-पेपर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि एवं ग्रामीण विकास
  • खेल
  • जनवीणा प्रकाशन
  • देश
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • पर्यटन
  • प्रमुख समाचार
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • विचार वातायन
  • विदेश
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य

Follow us

No Result
View All Result
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन

©Copyright 2024, All Rights Reserved For JanVeena by RA.Tech (7985291626)