• Home
  • Blog
  • Privacy Policy
  • About Us
Wednesday, October 7, 2026
Janveena Hindi News Portal
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
No Result
View All Result
Jan Veena
No Result
View All Result

“परमाणु हमले के बाद सबसे पहले फैलती है यह बीमारी, जिसका इलाज संभव नहीं”

JANVEENA by JANVEENA
August 11, 2025
in स्वास्थ्य
0
“परमाणु हमले के बाद सबसे पहले फैलती है यह बीमारी, जिसका इलाज संभव नहीं”

 

दुनिया में मौजूद अगर सबसे खतरनाक हथियारों की बात करें, तो उसमें परमाणु बम का नाम जरूर शामिल किया जाता है. इसके बारे में कहा जाता है कि अगर तीसरा विश्वयुद्ध होता है तो परमाणु हथियारों का प्रयोग जरूर होगा, जो मानव इतिहास में सबसे बड़ी त्रासदी साबित होगी. इससे न सिर्फ जान-माल की हानि होगी, बल्कि एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी. यानी कि अगर इसका प्रयोग हुआ तो यह मानव सभ्यता पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाएगी, जिसका उदाहरण हमें जापान हिरोशिया और नागासाकी में देखने को मिलती है.  परमाणु हमले की स्थिति में केवल चोट या धमाके से ही नुकसान नहीं होता, बल्कि शरीर में एक खतरनाक बीमारी सबसे पहले फैलती है. इसे कहते हैं त्वरित विकिरण रोग (Acute Radiation Syndrome – ARS).

क्या है यह बीमारी?

परमाणु धमाके के कुछ मिनटों से कुछ घंटों के भीतर शरीर में विकिरण का असर दिखने लगता है. रेडिएशन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और शुरुआत होती है ARS की. इसके लक्षण होते हैं.

    • उलटी, थकान, बुखार और कमजोरी

 

    • सिर दर्द, दिल की धड़कन का गिरना

 

    • खून से दस्त और घावों का जल्दी न भरना

 

रेडिएशन शरीर की रक्त-निर्माण कोशिकाओं को खत्म कर देता है. इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और इंसान सामान्य संक्रमण से भी मर सकता है.

Hiroshima से क्या सीखा गया?

Hiroshima पर बम गिरने के बाद कई लोग तुरंत नहीं मरे. कुछ दिखने में ठीक थे लेकिन कुछ घंटों में उनकी हालत बिगड़ने लगी. उनके शरीर में विकिरण ने कोशिकाएं नष्ट कर दी थीं. कुछ दिनों में बाल झड़ने, बुखार, खून की कमी और घावों से मवाद निकलने जैसे लक्षण दिखे. यह सब Radiation Sickness यानी ARS के संकेत थे.

क्यों होती है यह लाइलाज?

    • यह बीमारी बहुत तेजी से शरीर को कमजोर करती है

 

    • इलाज शुरू होने तक शरीर की प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है

 

    • शरीर खून नहीं बना पाता, जिससे इन्फेक्शन बढ़ते हैं

 

    • कई मामलों में इलाज से पहले ही मौत हो जाती है

 

क्या है बचाव का तरीका?

    • धमाके के तुरंत बाद ठोस दीवारों वाली बिल्डिंग में छिपें

 

    • रेडिएशन की मात्रा मापने वाला यंत्र रखें

 

    • उलटी, बुखार या थकान महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

 

    • सरकारी या बचाव टीम की सलाह का पालन करें

 

परमाणु हमले की स्थिति में सबसे पहला खतरा होता है ARS यानी त्वरित विकिरण रोग. यह बीमारी मिनटों में असर दिखाती है और समय रहते इलाज न मिले तो जान बचाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए ऐसे समय में सही जगह शरण लेना और मेडिकल मदद जल्दी पाना ही जीवन बचा सकता है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

 

READ ALSO

खांसते या छींकते समय पेशाब लीक होना किस बीमारी का संकेत? जानें कारण और इलाज

मौसम बदलते ही क्यों होने लगती है सर्दी-खांसी? इन 5 आसान तरीकों से रखें खुद को सुरक्षित

Previous Post

“गाजा युद्ध खत्म करने के 5 उपाय बताए नेतन्याहू, बोले- ‘हमास का खात्मा ज़रूरी'”

Next Post

“क्रिकेट के 5 ऐसे रिकॉर्ड, जिन्हें तोड़ना नामुमकिन; जानकर आप भी रह जाएंगे दंग”

Related Posts

खांसते या छींकते समय पेशाब लीक होना किस बीमारी का संकेत? जानें कारण और इलाज
स्वास्थ्य

खांसते या छींकते समय पेशाब लीक होना किस बीमारी का संकेत? जानें कारण और इलाज

October 7, 2026
मौसम बदलते ही क्यों होने लगती है सर्दी-खांसी? इन 5 आसान तरीकों से रखें खुद को सुरक्षित
स्वास्थ्य

मौसम बदलते ही क्यों होने लगती है सर्दी-खांसी? इन 5 आसान तरीकों से रखें खुद को सुरक्षित

October 6, 2026
भारत में हर साल संक्रमण से जुड़े कैंसर के करीब 1.9 लाख मामले, HPV बना बड़ा कारण
स्वास्थ्य

भारत में हर साल संक्रमण से जुड़े कैंसर के करीब 1.9 लाख मामले, HPV बना बड़ा कारण

October 5, 2026
फिट बॉडी और तेज दिमाग का कनेक्शन, जानिए विराट कोहली की फिटनेस से जुड़ी खास बातें
स्वास्थ्य

फिट बॉडी और तेज दिमाग का कनेक्शन, जानिए विराट कोहली की फिटनेस से जुड़ी खास बातें

October 3, 2026
Fat Dogs Of Delhi ने खींचा लोगों का ध्यान, कुत्तों के बढ़ते वजन पर उठे सेहत से जुड़े सवाल
स्वास्थ्य

Fat Dogs Of Delhi ने खींचा लोगों का ध्यान, कुत्तों के बढ़ते वजन पर उठे सेहत से जुड़े सवाल

October 2, 2026
भारत में 1.9 लाख कैंसर मामले संक्रमण से जुड़े, नई ग्लोबल स्टडी में सामने आया बड़ा आंकड़ा
स्वास्थ्य

भारत में 1.9 लाख कैंसर मामले संक्रमण से जुड़े, नई ग्लोबल स्टडी में सामने आया बड़ा आंकड़ा

October 1, 2026
Next Post
“क्रिकेट के 5 ऐसे रिकॉर्ड, जिन्हें तोड़ना नामुमकिन; जानकर आप भी रह जाएंगे दंग”

"क्रिकेट के 5 ऐसे रिकॉर्ड, जिन्हें तोड़ना नामुमकिन; जानकर आप भी रह जाएंगे दंग"

“अभय देओल की कमाई सनी से 3 गुना और बॉबी से 6 गुना ज्यादा, जानें उनकी कमाई के तरीके”

"अभय देओल की कमाई सनी से 3 गुना और बॉबी से 6 गुना ज्यादा, जानें उनकी कमाई के तरीके"

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Advertisement

Advertisement

POPULAR NEWS

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

August 1, 2024
निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

October 13, 2024
राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

January 13, 2025
डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

September 27, 2024
बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

May 9, 2026

Advertisement

E-Paper

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 07 अप्रैल, 2024

April 7, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 07 सितम्बर 2023

September 7, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 21 अप्रैल, 2023

April 21, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 07 जून, 2023

June 7, 2023

About Us

जन वीणा एक विश्वसनीय समाचार वेबसाइट है जो नवीनतम खबरों, घटनाओं और विश्लेषण को निष्पक्षता के साथ पेश करती है। हमारी अनुभवी टीम आपको राजनीति, व्यवसाय, खेल, मनोरंजन, विज्ञान, और अन्य विषयों पर सटीक खबरें प्रदान करती है।
Contact No.-9335654453 

E-Mail Id-janveenanews@gmail.com

Categories

  • Auto
  • ई-पेपर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि एवं ग्रामीण विकास
  • खेल
  • जनवीणा प्रकाशन
  • देश
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • पर्यटन
  • प्रमुख समाचार
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • विचार वातायन
  • विदेश
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य

Follow us

No Result
View All Result
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन

©Copyright 2024, All Rights Reserved For JanVeena by RA.Tech (7985291626)