• Home
  • Blog
  • Privacy Policy
  • About Us
Wednesday, September 30, 2026
Janveena Hindi News Portal
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
No Result
View All Result
Jan Veena
No Result
View All Result

WHO की चेतावनी: दुनिया में हर 10 में से 4 हेल्थकेयर वर्कर्स हिंसा का शिकार, डॉक्टरों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

JANVEENA by JANVEENA
July 23, 2026
in स्वास्थ्य
0
WHO की चेतावनी: दुनिया में हर 10 में से 4 हेल्थकेयर वर्कर्स हिंसा का शिकार, डॉक्टरों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

हेल्थ डेस्क: अस्पतालों में मरीजों की देखभाल करने वाले डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी दुनिया के कई देशों में बढ़ती हिंसा और दुर्व्यवहार का सामना कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गंभीर वैश्विक चिंता का विषय बताते हुए कहा है कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।

WHO की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

WHO के अनुसार, दुनिया भर में हर 10 में से लगभग 4 हेल्थकेयर वर्कर्स अपने पेशेवर जीवन में कम से कम एक बार शारीरिक हिंसा का सामना करते हैं। यदि गाली-गलौज, धमकी, मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार जैसे मामलों को भी शामिल किया जाए, तो प्रभावित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या 60 प्रतिशत से अधिक हो जाती है। यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती मानी जा रही है।

READ ALSO

आंवला खाने से शरीर को मिल सकते हैं ये फायदे, पीएम मोदी ने भी किया इसका जिक्र

खाना खाने के बाद छाती में क्यों होती है जलन? इन वजहों से बढ़ सकती है परेशानी

किन देशों में अधिक मामले सामने आए?

एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार, स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा केवल विकासशील देशों तक सीमित नहीं है। समीक्षा में जर्मनी, चीन, पेरू, तुर्किये और भारत सहित कई देशों में डॉक्टरों और अन्य हेल्थकेयर वर्कर्स के खिलाफ हिंसा के उच्च स्तर दर्ज किए गए। इसके अलावा जॉर्डन, बुल्गारिया, इटली, पोलैंड और अमेरिका में भी बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने कार्यकाल के दौरान हिंसा झेलने की बात कही।

डॉक्टरों पर हमले क्यों बढ़ रहे हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या, स्वास्थ्यकर्मियों की कमी, लंबे इंतजार, इलाज को लेकर ऊंची अपेक्षाएं और डॉक्टर-मरीज के बीच प्रभावी संवाद की कमी कई बार तनाव पैदा करती है। यही तनाव कुछ मामलों में हिंसक घटनाओं का रूप ले लेता है।

भारत की स्थिति

भारत के कई राज्यों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए अलग-अलग कानून लागू हैं, लेकिन डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमलों की घटनाएं अभी भी सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पूरे देश में एक समान और प्रभावी कानून लागू करने की जरूरत है, ताकि स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर सुरक्षा मिल सके।

दूसरे देशों ने क्या कदम उठाए?

कई देशों ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए हैं। कुछ देशों में डॉक्टरों पर हमला गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जबकि कहीं भारी जुर्माने, जेल की सजा और विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। कई स्थानों पर मेडिकल स्टाफ को विवाद की स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए भी बेहद जरूरी है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न शोध अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित है।

Previous Post

‘धमाल 4’ की रफ्तार दूसरे हफ्ते भी बरकरार, 2 करोड़ और कमाते ही बनाएगी नया बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड

Next Post

छात्र आंदोलन पर बोले युवराज सिंह, शांति, संवाद और युवाओं के भविष्य पर दिया खास संदेश

Related Posts

आंवला खाने से शरीर को मिल सकते हैं ये फायदे, पीएम मोदी ने भी किया इसका जिक्र
स्वास्थ्य

आंवला खाने से शरीर को मिल सकते हैं ये फायदे, पीएम मोदी ने भी किया इसका जिक्र

September 29, 2026
खाना खाने के बाद छाती में क्यों होती है जलन? इन वजहों से बढ़ सकती है परेशानी
स्वास्थ्य

खाना खाने के बाद छाती में क्यों होती है जलन? इन वजहों से बढ़ सकती है परेशानी

September 29, 2026
एक महीने तक सिर्फ चिकन खाने से शरीर पर क्या असर पड़ेगा? जानें फायदे और नुकसान
स्वास्थ्य

एक महीने तक सिर्फ चिकन खाने से शरीर पर क्या असर पड़ेगा? जानें फायदे और नुकसान

September 28, 2026
कार्डियोलॉजिस्ट ने बताईं दिल को स्वस्थ रखने वाली 4 आदतें, रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे करें शामिल
स्वास्थ्य

कार्डियोलॉजिस्ट ने बताईं दिल को स्वस्थ रखने वाली 4 आदतें, रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे करें शामिल

September 26, 2026
बदलते मौसम में अस्थमा मरीज ऐसे रखें अपना ख्याल, डाइट में शामिल करें ये हेल्दी चीजें
स्वास्थ्य

बदलते मौसम में अस्थमा मरीज ऐसे रखें अपना ख्याल, डाइट में शामिल करें ये हेल्दी चीजें

September 26, 2026
₹2,700 की कैंसर दवा पर ₹27,000 MRP, सुप्रीम कोर्ट ने कीमतों के अंतर पर जताई कड़ी चिंता
स्वास्थ्य

₹2,700 की कैंसर दवा पर ₹27,000 MRP, सुप्रीम कोर्ट ने कीमतों के अंतर पर जताई कड़ी चिंता

September 25, 2026
Next Post
छात्र आंदोलन पर बोले युवराज सिंह, शांति, संवाद और युवाओं के भविष्य पर दिया खास संदेश

छात्र आंदोलन पर बोले युवराज सिंह, शांति, संवाद और युवाओं के भविष्य पर दिया खास संदेश

क्या अमेरिका ईरान पर जमीनी सैन्य कार्रवाई करेगा? सैन्य प्रमुख के बयान के बाद बढ़ी अटकलें

क्या अमेरिका ईरान पर जमीनी सैन्य कार्रवाई करेगा? सैन्य प्रमुख के बयान के बाद बढ़ी अटकलें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Advertisement

Advertisement

POPULAR NEWS

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

August 1, 2024
निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

October 13, 2024
राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

January 13, 2025
डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

September 27, 2024
बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

May 9, 2026

Advertisement

E-Paper

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 14 अक्टूबर, 2023

October 14, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 14 मई, 2023

May 14, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 07 फरवरी, 2024

February 7, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अगस्त, 2023

August 28, 2023

About Us

जन वीणा एक विश्वसनीय समाचार वेबसाइट है जो नवीनतम खबरों, घटनाओं और विश्लेषण को निष्पक्षता के साथ पेश करती है। हमारी अनुभवी टीम आपको राजनीति, व्यवसाय, खेल, मनोरंजन, विज्ञान, और अन्य विषयों पर सटीक खबरें प्रदान करती है।
Contact No.-9335654453 

E-Mail Id-janveenanews@gmail.com

Categories

  • Auto
  • ई-पेपर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि एवं ग्रामीण विकास
  • खेल
  • जनवीणा प्रकाशन
  • देश
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • पर्यटन
  • प्रमुख समाचार
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • विचार वातायन
  • विदेश
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य

Follow us

No Result
View All Result
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन

©Copyright 2024, All Rights Reserved For JanVeena by RA.Tech (7985291626)