प्यास लगना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है। गर्मी, ज्यादा पसीना आने या एक्सरसाइज करने के बाद शरीर में तरल की जरूरत बढ़ जाती है, इसलिए पानी पीने से आमतौर पर प्यास शांत हो जाती है। लेकिन अगर पानी पीने के थोड़ी देर बाद ही दोबारा प्यास लगने लगे या गला लगातार सूखा महसूस हो, तो इसके पीछे सिर्फ गर्मी या पानी की कमी ही वजह नहीं हो सकती।
शरीर में पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी जरूरी होता है। कई बार इसी संतुलन में बदलाव के कारण प्यास बनी रह सकती है। आइए जानते हैं पानी पीने के बाद भी प्यास लगने की कुछ संभावित वजहों के बारे में।
जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी बन सकता है वजह
शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी जरूरी है, लेकिन बहुत कम समय में अत्यधिक मात्रा में पानी पीना भी परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसा होने पर खून में सोडियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा कम हो सकती है और पानी-इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है।
इस स्थिति को हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है। गंभीर मामलों में शरीर की कोशिकाओं में सूजन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, यह स्थिति सामान्य नहीं है और सिर्फ पानी पीने के बाद कभी-कभार प्यास लगने को इससे जोड़ना सही नहीं होगा।
गर्मी और एक्सरसाइज के बाद बढ़ सकती है प्यास
तेज गर्मी में लंबे समय तक रहने या ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज करने पर पसीने के जरिए शरीर से पानी के साथ कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकलते हैं। ऐसे में सिर्फ पानी पीने के बावजूद कुछ समय तक प्यास महसूस हो सकती है।
गर्म मौसम में पसीना अधिक आने पर शरीर को सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा तरल की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए ऐसी परिस्थितियों में अपनी प्यास और शरीर के दूसरे संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है।
पानी में मौजूद मिनरल्स का भी है महत्व
हर तरह के पानी में मिनरल्स की मात्रा एक जैसी नहीं होती। कुछ पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं, जबकि कुछ पानी में इनकी मात्रा कम हो सकती है।
हालांकि, सिर्फ पानी में मिनरल्स की मात्रा को लगातार प्यास का कारण मानना उचित नहीं है। शरीर की हाइड्रेशन जरूरत व्यक्ति की गतिविधि, मौसम, खान-पान और स्वास्थ्य जैसी कई चीजों पर निर्भर करती है।
कुछ दवाओं के कारण भी लग सकती है ज्यादा प्यास
लगातार प्यास लगने के पीछे कुछ दवाओं की भूमिका भी हो सकती है। खासतौर पर ऐसी दवाएं जो शरीर से ज्यादा मात्रा में तरल बाहर निकालती हैं, वे फ्लूइड बैलेंस को प्रभावित कर सकती हैं। इसके कारण पानी पीने के बाद भी प्यास महसूस हो सकती है।
अगर किसी नई दवा का सेवन शुरू करने के बाद आपको पहले की तुलना में ज्यादा प्यास लगने लगी है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद न करें। इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करना बेहतर विकल्प है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
गर्मी, ज्यादा पसीना आने या शारीरिक मेहनत के बाद प्यास लगना आम बात है। लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के लगातार बहुत ज्यादा प्यास लग रही है और पानी पीने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खासकर जब लगातार असामान्य प्यास के साथ शरीर में कोई अन्य बदलाव या परेशानी भी महसूस हो रही हो, तब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसी स्थिति में केवल बार-बार पानी पीते रहना पर्याप्त समाधान नहीं माना जा सकता।



















