• Home
  • Blog
  • Privacy Policy
  • About Us
Friday, October 2, 2026
Janveena Hindi News Portal
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन
No Result
View All Result
Jan Veena
No Result
View All Result

आरोपों के बहाने बढ़ती संविधान की अहमियत

-सियाराम पांडेय ‘शांत’

Janveena News by Janveena News
April 30, 2024
in विचार वातायन
0
सांसद बन गए तो भी मिट्टी के कुल्हड़ ही बनाएंगे कल्लन?

आरोपों के बहाने बढ़ती संविधान की अहमियत

-सियाराम पांडेय ‘शांत’

READ ALSO

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार

रचनात्मक हस्तक्षेप है ओटीटी सामग्री के नियमन की मांग

राजनीति ऐसी तुला है जहां कोई पलड़ा झुकता ही नहीं। झुुकाने के लिए अतिरिक्त पासंग रखना पड़ता है। वह इसलिए कि छुटभैया नेता भी खुद को किसी शहंशाह से कम नहीं समझते। नवली नवै न गहमर टरै वाली स्थिति है। संप्रति लोकसभा चुनाव आरक्षण और संविधान पर संकट को लेकर लड़ा जा रहा है। पक्ष-विपक्ष दोनों ही खुद को आरक्षण और संविधान का रक्षक बता रहे हैं और एक दूसरे को संविधान और आरक्षण का द्रोही ठहरा रहे हैं। इसके लिए सबके पास अपने-अपने तर्क हैं। बहत्तर छेद वाली चलनी भी इन आरोपों के बीच अपनी जगह बना ले रही है। जिनने संविधान की चादर पर संशोधनों के अनेक चकत्ते लगाए हों, वे भी अगर संविधान रक्षा की बात कर रहे हों तो इससे बड़ा आश्चर्य क्या हो सकता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने तो अपने हर प्रत्याशी से हाथ में संविधान की किताब लेकर चलने को कहा है, यह पहला अवसर होगा जब इस तरह का राजनीतिक नवोन्मेष इस देश में होने जा रहा है। हालांकि नरेंद्र मोदी ने भारतीय गणराज्य का प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार 2014 में संविधान की पूर्वपीठिका का सामूहिक पाठ कराया था जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों ही समवेत रूप से शामिल हुए थे। चलो, आरक्षण के समर्थन और विरोध की राजनीति के बहाने ही सही, कुछ प्रत्याशियों के हाथ में थोड़े समय के लिए संविधान की किताब तो होगी ही। अगर उन्होंने उसे जरा भी पढ़ लिया तो इससे उनका तो भला होगा ही, जनहित के प्रयासों को भी गति मिलेगी।

घपलों-घोटालों में जेल जा चुके लोग अदालतों में तर्क दे रहे हैं कि उन्हें चुनाव के वक्त पकड़ा गया। यह भारत देश है जहां अपराधी भी इस बात का दावा करने का साहस कर पाता है कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो उसे कब गिरफ्तार करे। मतलब गिरफ्तारी में भी सुविधा का संतुलन। और कदाचित गिरफ्तार हो ही गए तो जेल की नहीं, घर की रोटी चाहिए। महिलाओं से अभद्र व्यवहार के आरोप में अगर किसी को जेल हो जाए तो उसके समर्थक राजनीतिक दल यह कहना आरंभ कर देते हैं कि उसी की तरह का भ्रष्ट आचरण करने वाले दूसरे व्यक्ति को क्यों नहीं पकड़ा जा रहा। राजनीति भी तुलना का ही विज्ञान है। यहां का पूरा कारोबार ही नजीरों पर टिका है। लोक हितैषियों की प्रशंसा में नेताओं को संकोच हो सकता है लेकिन लोकनिंदित अपराध कर्म करने वालों को अपना नायक मानने में कोई गुरेज नहीं? अर्जुन और युधिष्ठिर की पूजा इस देश में भले न हो लेकिन दुर्योधन को पूजने वाले गांव तो मिल ही जाते हैं। ऐसी लोक मान्यता है कि प्रलय काल में सभी 49 पवन अपनी पूरी गति से बहते हैं। पुराणों की मानें तो लंका दहन के वक्त भी सभी प्रकार की वायु एक साथ बही थी लेकिन इस बात को अन्यथा न लें तो यह कहने में किसी को भी संकोच नहीं होना चाहिए कि चुनाव काल में सभी तरह के आरोप-प्रत्यारोप हवा में तैरते रहते हैं। अब इन आरोपों की हवा को कौन किस तरह पकड़ पाता है और उसे किस हद तक प्रचारित-प्रसारित कर पाता है, यह उसका विवेक और कौशल है। लोहा गर्म हो तो उस पर हथौड़े का प्रहार कर लोहे को सही आकार दिया जा सकता है। राजनीति के साथ भी कमोवेश यही बात है। राजनीति वह शै है जो जड़ को चेतन साबित कर देती है और चेतन को भी जड़ बना देती है। आरोपों के बीज बोना और आनन-फानन में फसल काट लेने का कौशल राजनीति को छोड़ अन्य किसी भी विधा में नहीं है। अगर यह कहा जाए कि हाथ पर सरसों जमाने की कला सिर्फ राजनीति में ही है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। सभी समस्याओं के सहज हल का दावा करते किसी भी राजनीतिज्ञ को संकोच नहीं होता। एक ओर जहां गरीबी मिटाने के दावे हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबी मिटाने की ठोस सुचिंतित योजना पर भी गौर नहीं हो सका है। नेताओं को लगता है कि लोगों को मुफ्त सुविधाएं देने से उनकी गरीबी मिट जाएगी लेकिन गरीबी तो तब मिटती है जब हर हाथ में काम हो। मुफ्त की राजनीति तो देश पर भार ही बनती है।

Previous Post

लोकसभा चुनाव के चतुर्थ चरण में 13 सीटों पर 130 प्रत्याशी मैदान में

Next Post

तृप्ति डिमरी और राजकुमार राव ने BTS का वीडियो शेयर किया: मजेदार अभिनेता, फिल्म ‘विक्की विद्या का वो वाला वीडियो’ की शूटिंग पूरी

Related Posts

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार
विचार वातायन

रेल नीति में बहाल हों बुज़ुर्गों और महिलाओं के अधिकार

January 7, 2026
राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला
विचार वातायन

रचनात्मक हस्तक्षेप है ओटीटी सामग्री के नियमन की मांग

November 21, 2025
राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला
विचार वातायन

राजदरबार का अंधेरा और भीतर का उजाला

November 15, 2025
लंका से अयोध्या की यात्रा पर
विचार वातायन

लंका से अयोध्या की यात्रा पर

October 18, 2025
उपेक्षा का आरोप बम भी फुस्स
विचार वातायन

जनादेश का यह कैसा स्वागत

June 4, 2024
उपेक्षा का आरोप बम भी फुस्स
विचार वातायन

बोया पेड़ बबूल का, आम कहां से होय

June 3, 2024
Next Post
तृप्ति डिमरी और राजकुमार राव ने BTS का वीडियो शेयर किया:  मजेदार अभिनेता, फिल्म ‘विक्की विद्या का वो वाला वीडियो’ की शूटिंग पूरी

तृप्ति डिमरी और राजकुमार राव ने BTS का वीडियो शेयर किया: मजेदार अभिनेता, फिल्म 'विक्की विद्या का वो वाला वीडियो' की शूटिंग पूरी

टी-20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम का ऐलान:  स्टीव स्मिथ बाहर, मिचेल मार्श करेंगे कप्तानी

टी-20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम का ऐलान: स्टीव स्मिथ बाहर, मिचेल मार्श करेंगे कप्तानी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Advertisement

Advertisement

POPULAR NEWS

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

विधानसभा में डा. नीरज बोरा ने उठाया मुद्दा : जानकीपुरम की जलभराव समस्या का हो स्थायी निदान, फैजुल्लागंज के चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति हो सुनिश्चित

August 1, 2024
निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

निष्पक्ष जांच कराकर परिजनों को दिलायेंगे न्याय : डा. नीरज बोरा | मृतक अमन गौतम के परिजनों से मिले भाजपा विधायक

October 13, 2024
राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

राजधानी लखनऊ में धूमधाम से मनी मणिकुण्डल जयंती

January 13, 2025
डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

डेंगू से हुई मौतें अफसोसजनक, युद्धस्तर पर हो एंटीलार्वा का छिड़काव : डा. नीरज बोरा

September 27, 2024
बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

बाराबंकी की राजनीति : वर्चस्व, चुनौती और बदलते समीकरणों की कहानी

May 9, 2026

Advertisement

E-Paper

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2023

April 28, 2023
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 07 जनवरी, 2024

January 7, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 फरवरी, 2024

February 28, 2024
जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 28 अप्रैल, 2024

जनवीणा (हिन्दी साप्ताहिक) 07 मार्च, 2024

March 7, 2024

About Us

जन वीणा एक विश्वसनीय समाचार वेबसाइट है जो नवीनतम खबरों, घटनाओं और विश्लेषण को निष्पक्षता के साथ पेश करती है। हमारी अनुभवी टीम आपको राजनीति, व्यवसाय, खेल, मनोरंजन, विज्ञान, और अन्य विषयों पर सटीक खबरें प्रदान करती है।
Contact No.-9335654453 

E-Mail Id-janveenanews@gmail.com

Categories

  • Auto
  • ई-पेपर
  • कला-संस्कृति
  • कृषि एवं ग्रामीण विकास
  • खेल
  • जनवीणा प्रकाशन
  • देश
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • पर्यटन
  • प्रमुख समाचार
  • मनोरंजन
  • राज्य
  • विचार वातायन
  • विदेश
  • साहित्य
  • स्वास्थ्य

Follow us

No Result
View All Result
  • Home
  • प्रमुख समाचार
  • देश
  • राज्य
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • साहित्य
  • कला-संस्कृति
  • पर्यटन
  • धर्म-दर्शन/ज्योतिष
  • जनवीणा प्रकाशन
  • ई-पेपर
  • मनोरंजन
  • अन्य
    • कृषि एवं ग्रामीण विकास
    • खाना-खजाना
    • विचार वातायन

©Copyright 2024, All Rights Reserved For JanVeena by RA.Tech (7985291626)